मम्मी की डायरीमम्मी को गुज़रे छह महीने हो गए थे। उस दिन मैं उनका कमरा साफ कर रहा था। अलमारी में पुराने कपड़े, साड़ियाँ और कुछ कागज़ रखे थे। सबसे नीचे एक छोटी सी, फटे हुए कवर वाली डायरी दबी पड़ी थी। कवर पर नीली स्याही से लिखा था - "रिया की डायरी - 1998"। मैं चौंक गया। मम्मी का नाम तो सुनीता था। और मम्मी ने कभी डायरी लिखी ही नहीं थी। शायद ये उनकी जवानी की डायरी थी।मैंने पहले पन्ने पर हाथ रखा और काँपते हुए खोला। पहली ही लाइन पढ़कर मेरी साँस रुक गई।"आज का दिन मेरी ज़िंदगी का सबसे