Ghost hunters - 22

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अंधेरा अब सिर्फ बाहर नहीं था वो हर साँस के साथ भीतर उतर रहा था।हवा भारी थी, जमीन ठंडी और आसमान जैसे इस जगह को छोड़ चुका था।सबकी नजरें अब उसी पर टिकी थीं अजनबी तांत्रिक पर जो अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था, बिना किसी जल्दबाज़ी के, जैसे उसे पता हो कि अब कोई उसे रोक नहीं सकता।आरव ने अपने कंधे के घाव को दबाया और खुद को संभाला।कबीर उसके पास आकर खड़ा हो गया, चेहरे पर दर्द था लेकिन आँखों में गुस्सा।मीरा भी धीरे-धीरे उठी, उसकी उंगलियाँ अब भी काँप रही थीं, लेकिन उसकी नजरें स्थिर थीं।तांत्रिक ने