खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 1

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महाराणा प्रताप सिंह : बाल्यकाल व युवावस्था(1572-1597 ईसवी)बाल्यकाल एवं यौवनसांगा की हत्या के उपरांत मेवाड़ में सत्ता पाने के लिए गृहयुद्ध छिड़ गया। उस काल का संक्षिप्त विवरण इसलिए आवश्यक हो जाता है, क्योंकि इस गृहयुद्ध का प्रताप के जीवन व व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ा। साथ ही हमें यह संदेश भी मिलता है कि एक राष्ट्र की प्रगति व स्वतंत्रता के संघर्ष में नेतृत्व की रक्षा कितनी आवश्यक है! सभ्यता जब एक विराट समझ वाले नेता को खोती है तो अराजकता व अशांति ही परिणाम होता है।समाज का संतुलन व शांति का निर्वहन, क्षणभंगुर होता है। कभी एक व्यक्ति