एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक दस साल का लड़का रहता था। वह बहुत जिज्ञासु और मेहनती था। उसे पेड़-पौधों से बहुत प्यार था। हर दिन वह अपने घर के पीछे बने छोटे बगीचे में पौधों को पानी देता और उनकी देखभाल करता।एक दिन आरव स्कूल से लौट रहा था। रास्ते में उसे एक बूढ़े बाबा मिले। बाबा बहुत थके हुए लग रहे थे। आरव ने तुरंत अपनी पानी की बोतल उन्हें दे दी। बाबा ने पानी पिया और मुस्कुराते हुए कहा, "बेटा, तुम्हारा दिल बहुत अच्छा है। मैं तुम्हें यह बीज देता हूँ। इसकी अच्छी तरह