राहें - 3

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बनते बिगड़ते सम्बन्धरात आठ बजे थके हारे साहू साहब आफिस से घर आये तोपत्नी किरण ने पूछा - बहुत थके लग रहे हो? क्या लोगे चाय याखाना लगाऊ।साहू साहब ने कहा - बहुत थकान लग रही है चाय पिलादो, खाना थोड़ी देर से खा लूंगा। आज कल आफिस में कामअधिक है, इसलिये देरी हो जाती है। विधानसभा में सत्र चल रहा है,कई सवालों के जवाब बनाने पड़ते हैं, जो बनाने जरूरी होते हैं।इसलिये थक जाता हूँ।पत्नी किरण चाय बनाकर ले आयी, साहू साहब ने पूछा - घरसूना सूना लग रहा है, रूचि नहीं है क्या?हॉ, यहाँ उसका मन नहीं लगता,