मंदिर में तुम - 1

(18)
  • 1.5k
  • 501

सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक लड़की धीरे-धीरे कदम रखते हुए अंदर आई—सुनामी सिंह…सफेद सूट में, लंबे खुले बाल, आँखों में हल्की झिझक… क्योंकि वो इस शहर में नई थी।उसने चारों तरफ देखा…सब कुछ अनजान था, पर मंदिर में एक अजीब सा अपनापन था।वो आगे बढ़ी…हाथ जोड़कर राधा-कृष्ण के सामने खड़ी हो गई…धीरे-धीरे उसने अपनी आँखें बंद कर लीं…उसी समय…मंदिर के दूसरे कोने से एक लड़का अंदर आया—कृतिक ठाकुर…शांत स्वभाव, चेहरे पर