---बुआ - महक की कहानी आज सबसे उपेक्षित रिश्ता है बुआ। कोई नहीं बुलाना चाहता बुआ को। बुआ के नाम से ही घर की बहुओं के मुँह बन जाते हैं। पहले होती होंगी बुआ रुआब, मैंने तो आज तक नहीं देखी। मुझे लगता है पहले बुआ मायके आकर भूल जाती होंगी कि अब वो मेहमान हैं, ये उनका घर नहीं। और अनजाने में ज़िद करती होंगी और भाभियाँ, उनको गलत समझती होंगी। हमारे समाज का ताना-बाना ही कुछ ऐसा बुना गया है कि शादी के बाद अधिकतर लड़कियों को पराया ही महसूस होता है। कुछ अपवाद छोड़कर अधिकतर घरों में देखा गया