लोक कथा देशी जुगाड बड़ा कमाल एक समय की बात है। किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वो थोड़ा कम पढ़े-लिखे थे लेकिन बुद्धि बहुत थी उनके पास। आध्यात्मिक ज्ञान भी था। गाँव में उनके ज्ञान का डंका बजता था। कोई भी ग्रामीण तिथि पूछने आता तो उन्हें पत्रा पढ़ना भी नहीं आता था। उसका उन्होंने एक जुगाड़ कर रखा था। हिन्दी माह में दो पक्ष होते हैं। प्रत्येक पक्ष में पन्द्रह तिथि होती हैं और पूर्णिमा को मिलाकर 16 तिथि होती हैं। पंडित जी एक कमरे में 15 बड़े डंडे रखे हुए थे। पूर्णिमा का पता लगाना तो