तेरहवा द्वार - 10

भाग 10आखिरी रात“उसका असली शरीर अभी भी हवेली की दीवारों के अंदर बंद है…”रानी सुनयना की काँपती आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गई।आरव कुछ सेकंड तक उन्हें देखता रह गया।घर की दीवारों में लगातार दरारें पड़ रही थीं। काला पानी अब पूरे फर्श पर फैल चुका था। बाहर आसमान में तेज़ बिजली चमक रही थी।और हर चमक के साथ…वो बच्चा थोड़ा और बड़ा दिखाई दे रहा था।उसकी मुस्कान अब इंसानी नहीं रही थी।उसका शरीर अँधेरे में घुलता जा रहा था।जैसे वो किसी और रूप में बदल रहा हो।“अगर उसका शरीर बाहर आ गया…” सुनयना की आवाज़ काँपी, “तो वो कभी