तेरहवा द्वार - 11

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भाग 11वापस स्वागत है…काली हवेली को जले हुए पूरे छह महीने बीत चुके थे।गाँव धीरे-धीरे फिर सामान्य होने लगा था।अब लोग रात में बाहर निकलने लगे थे। बच्चे फिर से गलियों में खेलते थे। और हवेली का नाम भी कम लिया जाने लगा था।सबको लगता था…श्राप खत्म हो चुका है।लेकिन आरव अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया था।उस रात के बाद उसकी जिंदगी बदल गई थी।वो पहले जैसा हँसता नहीं था।उसने paranormal videos बनाना भी छोड़ दिया था।उसका कैमरा अब भी उसके कमरे के कोने में बंद पड़ा था… जिसे उसने उस रात के बाद कभी छुआ तक