माई डियर प्रोफेसर - भाग 28

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-------------'आर्कषण का प्यार मे..और प्यार का मोहब्बत बनना..क्या इस बदलाव को देखा है? मैने भी नही देख। पर क्या इसे महसूस किया है..? मै कर रही हूं ! मै अपने आर्कषण को मोहब्बत मु बदलते हुए महसूस कर रही हो। मै स्वय मे परिवर्तन देख रही हूं। कहा मे अल्हड सी नहर और कहा अब शर्माई सी ..चंचल नदी बन रही हूं । सोचते सोचते चारू ने पेज पलट दिया। वो.इस समय अमर.के घर मे थी। रात हो चुकी थी जिस कारण अनावी ने उसे आज यही रोक लिया था। वो हॉल मे.बोठी पढ रही थी और राघव उसकी गोद मे सो.रहा