Part 3रुद्र की गाड़ी शहर की व्यस्त सड़कों पर तेज़ी से दौड़ रही थी। अंश खिड़की से बाहर देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रुद्र के हाथ पर था जो उसकी जाँघ पर रखा हुआ था। रुद्र की उँगलियाँ हल्के-हल्के थपकियाँ दे रही थीं, जैसे ये स्पर्श उसे याद दिला रहा हो कि अंश सिर्फ़ उसका है।"सरप्राइज क्या है, बताओ ना?" अंश ने आखिरकार पूछ ही लिया, अपनी ज़िद भरी नज़रों से रुद्र को देखते हुए।रुद्र मुस्कुराया, लेकिन आँखें सड़क पर थीं। "अगर बता दिया तो सरप्राइज क्या रहा? बस इतना जान लो कि आज तुम्हारा पूरा दिन सिर्फ़