जब मैं एक याद बन जाऊँगी…

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एक अधूरी सी कहानी, जो यादों में पूरी होती है… यह कहानी है रिया और आरव के उस खूबसूरत रिश्ते की, जहाँ प्यार शब्दों से ज्यादा एहसासों में था। कुछ मुलाकातें जिंदगी बदल देती हैं और कुछ लोग दूर होकर भी दिल के करीब रहते हैं। यह किताब प्यार, दूरी और उन यादों की कहानी है, जो वक्त के साथ मिटती नहीं… बल्कि हमेशा के लिए दिल में बस जाती हैं। क्योंकि कुछ लोग साथ नहीं रहते, लेकिन उनकी यादें पूरी जिंदगी साथ चलती हैं।