डॉक्टर भारी कदमों से अपने केबिन में आकर कुर्सी पर बैठ गई।आँखों में अब भी रेशमा की चीखें तैर रही थीं।उन्होंने गहरी सांस ली और सामने खड़े वार्ड बॉय से कहा —“रेशमा के पति आसिफ को बुला लाओ…डिस्चार्ज फॉर्म पर साइन करने हैं।उसे घर ले जाना होगा।”वार्ड बॉय चुपचाप बाहर चला गया।करीब दस मिनट बादवह वापस लौटा।लेकिन इस बार उसके चेहरे पर अजीब सी घबराहट थी।“मैडम…” उसने हिचकिचाते हुए कहा,“बाहर… रेशमा के घर से कोई भी नहीं है।”डॉक्टर ने चौंककर सिर उठाया —“क्या मतलब?”“मैडम… उसका पति, सास, नंद…सब चले गए।”एक पल के लिए डॉक्टर को लगाशायद उसने गलत सुना है।“व्हाट