उल्टे पैरों वाली डाकिनी

  • 312
  • 108

शायद आप मेरी इस कहानी पर यकीन न करें, और मैं दुआ करता हूँ कि आपको कभी ऐसी जगह पर कदम न रखना पड़े जहाँ यकीन और हकीकत के बीच का फर्क ही मिट जाए। यह कहानी मेरे एक दोस्त समीर की है, जो आज इस दुनिया में नहीं है। मैं यह सब इसलिए लिख रहा हूँ ताकि दुनिया को पता चल सके कि हमारे देश के एक सुदूर कोने में एक ऐसा गाँव भी मौजूद है, जिसे भगवान ने भी अपने हाल पर छोड़ दिया है। उस गाँव का नाम है—कालेपुर।कालेपुर कोई आम गाँव नहीं है। वहाँ के भूगोल