Raaz - Part 8

अवंतिका दुकान से बाहर निकल आई, लेकिन उसके कदम वहीं रुक गए। जाने क्यों उसे लगा कि वीर कुछ छिपा रहा है। उसने दरवाज़े पर पड़े पुराने पर्दे की ओट से अंदर झाँका। वीर फिर से एक पुरानी किताब खोलकर पढ़ने लगा था।किताब का नाम साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन उसकी कलाई पर बना एक निशान साफ़ नज़र आ गया।वह कोई साधारण दाग नहीं था। ऐसा लग रहा था जैसे किसी गर्म लोहे से वह चिन्ह उसकी त्वचा पर उकेरा गया हो। गोल आकृति, उसके भीतर तीन सीधी रेखाएँ और एक किनारे हल्की-सी मुड़ी हुई लहर।अवंतिका का दिल