तेरी मेरी खामोशियां। - 16

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रात गहराने के साथ ही सुल्तान मेंशन की बत्तियाँ एक-एक कर बुझने लगी थीं। मगर अमन और नायरा के कमरे में सन्नाटा पसरा हुआ था। अमन हमेशा की तरह सोफे पर लेटा हुआ था, उसकी एक करवट नायरा की तरफ थी, मगर आँखें बंद थीं। बेड पर लेटी नायरा खिड़की से आते चाँद के उजाले को देख रही थी। उसके दिमाग में अभी भी रहीम चाचा की बातें और गाड़ी में हुआ वह हादसा घूम रहा था।'रोबोट हैं पूरे!' अपने ही कहे लफ्ज़ याद कर नायरा के होठों पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई, मगर अगले ही पल अमन