बारिश वाली मुलाकात

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बारिश का मौसम था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे। सड़क पर लोग छाता लेकर भाग रहे थे। उसी भीड़ में खड़ी थी अनन्या, जो रोज़ की तरह कॉलेज से घर लौटने के लिए बस का इंतज़ार कर रही थी।अचानक तेज़ बारिश शुरू हो गई। अनन्या जल्दी-जल्दी एक पुराने बस स्टॉप की छत के नीचे जाकर खड़ी हो गई। वहाँ पहले से एक लड़का खड़ा था। उसके हाथ में एक किताब थी और चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान।उसने अपनी छतरी अनन्या की ओर बढ़ाते हुए कहा, "अगर चाहो तो आधी छतरी तुम भी इस्तेमाल कर सकती हो।"अनन्या पहले तो झिझकी,