जब रिश्ता प्यार बन जाए. - 12

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Episode 12 – जब एहसास नाम माँगने लगे कुछ एहसास ऐसे होते हैंजो अचानक नहीं आते,धीरे-धीरे जगह बनाते हैं।Priyam अब यह समझने लगी थी।पहले वह खुद से भागती थी,अब खुद से बातें करने लगी थी।सुबह की हवा आज कुछ अलग लग रही थी।खिड़की से आती हल्की ठंडकउसके चेहरे को छू रही थी।Priyam खिड़की के पास खड़ी थी,हाथ में चाय का कप लिए।पहले सुबहेंसिर्फ़ जल्दी उठने,काम निपटानेऔर दिन काटने का नाम थीं।अब सुबहसोच लेकर आती थी।“मैं कहाँ खड़ी हूँ?”और फिर वही सवाल—“क्या मैं खुश हूँ?”वह जानती थी,इस सवाल का जवाबअब पहले जैसा आसान नहीं रहा।पिछले कुछ दिनों सेउसे खुद में बदलाव साफ़