हिंद महासागर के बीचों-बीच एक ऐसा टापू था, जो किसी भी नक्शे में नहीं मिलता था। समुद्र में भटकने वाले जहाज़ या नाव कभी-कभी अचानक घने कोहरे में घिर जाते... और जब कोहरा छंटता, तो वे उसी रहस्यमयी टापू पर होते।टापू पर एक पुराना, वीरान गाँव था। वहाँ टूटे-फूटे घर, एक खामोश मंदिर, एक सूखा कुआँ और जंगल के बीच एक काला किला था। सबसे अजीब बात यह थी कि वहाँ पहले से कई लोग फँसे हुए थे—कोई 5 साल से, कोई 20 साल से। लेकिन कोई भी उस टापू से बाहर नहीं निकल पाया।हर शाम सूरज ढलते ही पूरे