लाल निशान - 1

लाल निशानभाग – 1 : मौत की शुरुआतअध्याय 1रात, जिसने शहर की नींद छीन लीरात के दो बजकर सत्रह मिनट।अर्जुनपुर शहर सो रहा था।सड़कें लगभग खाली थीं। कहीं-कहीं स्ट्रीट लाइट की पीली रोशनी बारिश से भीगी सड़क पर पड़ रही थी। आसमान में बादल इतने घने थे कि चाँद का नामोनिशान नहीं था। हवा में अजीब-सी ठंडक थी, जैसे मौसम किसी अनहोनी की खबर पहले से जानता हो।शहर के बाहरी इलाके में स्थित शिव विहार पार्क वर्षों से वीरान पड़ा था। दिन में भी वहाँ लोग कम ही आते थे। पार्क के पीछे घना जंगल था और सामने आधा बना