बरसों पहले अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे एक छोटे से गांव के किनारे एक पुरानी हवेली खड़ी थी। गांव के लोग कहते थे कि वहां से जो भी रात के समय गुजरता है, वह या तो हमेशा के लिए गायब हो जाता है या फिर लौटकर कभी पहले जैसा नहीं रहता। उस हवेली का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे का रंग उड़ जाता था। कोई उसके बारे में खुलकर बात नहीं करता था क्योंकि उनका मानना था कि उसका नाम लेने भर से वह जाग जाती है।उसी गांव में रहने वाला राघव बचपन से इन कहानियों को अंधविश्वास