बंद कमरे का रहस्य

बंद कमरे का रहस्यभाग 1: रहस्यमयी मकानगाँव के किनारे एक पुराना मकान था।पिछले बीस वर्षों से वह बंद पड़ा था।लोग कहते थे कि हर पूर्णिमा की रात उस मकान के अंदर से पियानो की आवाज़ आती थी।एक दिन युवा पत्रकार नील ने उस रहस्य का पता लगाने का फैसला किया।रात के बारह बजे वह टॉर्च और कैमरा लेकर मकान के अंदर गया।चारों तरफ धूल ही धूल थी।लेकिन...एक कमरे का दरवाज़ा बिल्कुल साफ़ था।जैसे कोई उसे रोज़ खोलता हो।नील ने धीरे से दरवाज़ा खोला।कमरा पूरी तरह खाली था।न कोई मेज़।न कोई कुर्सी।न कोई पियानो।फिर भी...पियानो की आवाज़ लगातार आ रही थी।अचानक