तीन दोस्त, एक लड़की और अधूरा प्यारस्कूल से शुरू हुई कहानी:शहर के एक छोटे से लेकिन पुराने स्कूल में उस दिन सुबह बाकी दिनों जैसी ही थी। बच्चे अपनी-अपनी क्लास की तरफ भाग रहे थे, कोई होमवर्क पूरा करने के लिए दोस्त की कॉपी मांग रहा था तो कोई टीचर के आने से पहले आखिरी बार अपना टिफिन खोलकर देख रहा था। लेकिन बारहवीं की A सेक्शन में बैठे तीन लड़कों के लिए वह दिन थोड़ा अलग था। आरव, कबीर और विवान—तीनों बचपन से दोस्त थे। तीनों की दोस्ती इतनी पक्की थी कि स्कूल में लोग उन्हें अलग-अलग नाम से