चांद तुम्हे मुबारक - 3

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वह एक मुलाकातपिछले अध्याय में हमने देखा कि जब मैं कॉलेज (MCC) पहुँचा... उस दृश्य का वर्णन मैं कुछ इस तरह से करना चाहता हूँ, जिससे मुझे एक असीम शांति और खुशी मिलती है।मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज की उस शांत संध्या में, जब अस्त होते सूर्य की सुनहरी किरणें पेड़ों की शाखाओं से छनकर धरती पर बिखर रही थीं, वह वहाँ खड़ी थी—मानो प्रकृति ने अपनी सारी कोमलता और सौंदर्य उसी एक क्षण में समेट दिया हो।उसकी आँखें गहरी और शांत थीं, जैसे वर्षा की पहली रात में ठहरे हुए दो निर्मल सरोवर। उनमें एक ऐसी मधुर चमक थी, जो किसी