बड़ी सोचछोटी सोच से बड़ी मंज़िल तकलेखक - कांतिभाई राठौड़, बदामिया ───भावपूर्ण परिचयमनुष्य की जिंदगी में सबसे बड़ी शक्ति उसके हाथों में नहीं, बल्कि उसके विचारों में होती है।परिस्थितियाँ कभी हमारे अनुसार नहीं चलतीं। कभी रास्ते फूलों से भरे होते हैं, तो कभी हर कदम पर काँटे दिखाई देते हैं। कभी अपने लोग साथ खड़े होते हैं, तो कभी भीड़ में खड़े होकर भी इंसान खुद को अकेला महसूस करता है।लेकिन एक चीज हमेशा हमारे हाथ में रहती है—हम परिस्थिति को किस नजर से देखते हैं।एक ही गिलास को देखकर कोई कहता है—“आधा खाली है।”और कोई कहता है—“आधा भरा हुआ