ध्रुव की ताराभाग - ८लेखिका "अनामिका" तारा के घर से ध्रुव के घर तक का सफर सिया के दिल की जलन को शांत करने के बजाय और बढ़ा रहा था।ध्रुव के घर में कदम रखते ही सिया का सामना वही दीवारों पर टंगे फ्रेमों से हुआ। परिवार की साझी तस्वीरों के साथ-साथ ध्रुव के कमरे का हर कोना भी तारा और ध्रुव की बचपन की यादों, ढेरों फनी स्नैप्स और तस्वीरों से पटा पड़ा था। सिया का चेहरा उतर गया; उसकी असहजता और जलन अब उसके चेहरे पर साफ़ पढ़ी जा सकती थी।"अरे आओ सिया, बैठो!" ध्रुव ने पूरे उत्साह से