ध्रुव की तारा - भाग 10

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ध्रुव की ताराभाग -  १०लेखिका "अनामिका" जीत के जश्न और तालियों की गूँज अभी ध्रुव और तारा के कानों में गूँज ही रही थी। हाथ में ट्रॉफी थामे और चेहरे पर खुशी समेटे दोनों जब अपनी कॉलोनी पहुँचे, तो हर तरफ़ एक अजीब सा सन्नाटा पसरा था। ध्रुव ने उत्साह में आकर अपने घर का दरवाज़ा खटखटाया, "मम्मी! पापा! देखिए मैं जीत गया!"​लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। ताला बाहर से लटका देख ध्रुव परेशान हो गया। दोनों तुरंत तारा के घर की तरफ़ भागे, पर वहाँ भी मुख्य दरवाज़े पर ताला जड़ा हुआ था। ढलती शाम के अंधेरे में