कॉल - 4

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तब उसे कुछ याद आता है और उठकर अपने आस-पास देखता है। उसे याद आता है कि जब वह घर से गया था तो घर पूरी तरह फैला हुआ था, लेकिन अब सब अपनी जगह पर वैसे ही रखा था। लेकिन यह सब सोचना भी उसके लिए भारी लग रहा था। आर्य बिस्तर पर वापस लेट जाता है और गहरी नींद में सो जाता है।उसकी नींद कॉल की आवाज़ से टूटती है। आर्य को लगता है वह सपना देख रहा है, लेकिन कॉल की आवाज़ इतनी तेज़ होती है कि उसे समझ ही नहीं आता। तभी उसकी आँख खुलती है।