पंद्रह साल पहले बिछड़े राघव और अवनी की कहानी, जिसे वक्त और परिस्थितियां कभी खत्म नहीं कर पाईं। एक पुरानी नीली चूड़ी अचानक दोनों को फिर आमने-सामने ला खड़ा करती है और उन्हें एहसास होता है कि कुछ रिश्ते दूरी से खत्म नहीं होते। “मुकम्मल” — एक ऐसी प्रेम कहानी, जहां साथ होना जरूरी नहीं… कभी-कभी अधूरा रहकर भी प्रेम मुकम्मल हो जाता है।