हुक्म और हसरत -33

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️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 33 — भरोसे के पीछे पिछले कुछ दिनों में सिया के काम करने का तरीका काफी बदल गया था।अब वह किसी भी फाइल पर बिना सोचे हस्ताक्षर नहीं करती थी।हर निर्णय से पहले सवाल पूछती।हर प्रस्ताव को समझती।और सबसे जरूरी…अब वह सिर्फ कागज़ों में लिखी बातों पर भरोसा नहीं करती थी।उसे लोगों की बात भी सुननी आती जा रही थी।उस सुबह भी सिया अपने कक्ष में बैठी कुछ दस्तावेज़ देख रही थी।सामने काव्या खड़ी थी।“ये बाज़ार समिति की रिपोर्ट है।”सिया ने फाइल लेते हुए पूछा—“पिछली बैठक कब हुई थी?”“तीन दिन पहले।”“और इसमें दुकानदारों की शिकायतें