बोया पेड़ बबूल का

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बोया पेड़ बबूल का   कही ऐसा तो नहीं तुम ही सिखा रहे हो लोभ लालच, ईर्ष्या ,अहंकार अपने बच्चों को , उसकी गलतियों की अनदेखी कर रहे हो , ये सब वह बड़ा होकर तुम्हे ही लौटने वाला है, तुम्हे बुजुर्गों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होता , कल को तुम्हारे बच्चे तुम्हे भी बर्दाश्त नहीं करेंगे | बृद्धावस्था में पछताने से अच्छा है अभी अच्छे संस्कार दे डालो ऐसे ही कहानी है रामसरन की, ऊँची शिक्षा, मंहगे सामान उपहार , कभी न झुकने की सीख, बड़े बाप का होने का अहंकार कूट कूट कर भर दिया ,अब तो बड़ा होकर