Writingगहरे अंधेरे कमरे में ऊँची खिड़की से आती हल्की-सी चाँद की रोशनी एकमात्र उजाला थी।कमरे के मास्टर बेड पर एक लड़की पड़ी थी, जिसके हाथ और पैर जंजीरों से बँधे थे उसके मुँह और आँखों पर पट्टी बँधी थी।वह बुरी तरह घबराई हुई थी उसका पूरा शरीर डर से काँप रहा था। वह बार-बार अपने हाथ-पैर छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जंजीरों की पकड़ से आज़ाद नहीं हो पा रही थी।हर बार जंजीरों के हिलने से कमरे में एक तेज़ खनखनाहट गूँज उठती, जो उस सन्नाटे में और भी डरावनी लगती थी।उसकी साँसें तेज़ चल रही थीं वह