अध्याय 8 : एक महीने की बीवी का सौदातहखाने के मुहाने पर रुद्र खड़ा था। सिर्फ एक सफेद तौलिया लपेटे हुए। उसके बदन से पानी टपक रहा था, पर उसकी आँखों में पानी नहीं, आग थी।उसके हाथ में काली बंदूक सीधा आराध्या के माथे पर थी।"रुद्र! नहीं! गोली मत चलाना!" नित्या आराध्या के सामने आकर खड़ी हो गई।"हट जा, नित्या।" रुद्र की आवाज बर्फ से भी ज्यादा ठंडी थी। "तूने मेरी बात नहीं मानी। तूने मुझे धोखा दिया।""मैंने धोखा नहीं दिया! वो मेरी बहन है! 5 साल से तुमने उसे कैद कर रखा है! कोई भी बहन ऐसा ही करती!"आराध्या