हल्की धूप कमरे में फैल रही है। बाहर से नल का पानी गिरने की आवाज़ आ रही है। करन नहा रहा है, गुनगुना पानी उसके बालों से बहता है। उसके गले में वही सिमरन का दिया हुआ लकेट चमक रहा है।)(अचानक — लकेट उसकी गर्दन से फिसलकर ज़मीन पर गिर जाता है। एक पल के लिए करन की सांस थम जाती है।)करन (घबराकर) बोला - ओह नहीं... ये गिर गया... मेरी परी ने कहा था इसे कभी मत उतारना...(वो जल्दी से उठाता है, लेकिन उसके छूते ही लकेट की चमक बुझ जाती है। उसके चेहरे पर अजीब बेचैनी दिखती है।)(सिमरन कमरे