?अधूरी बुनाई, अधूरा संसार?

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शीर्षक: अधूरी बुनाई, अधूरा संसारएक ऐसी प्रेम कहानी, जो पढ़ते-पढ़ते आँखें नम कर देगी। Introduction.कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, छोटी-छोटी आदतों से जीते हैं। रोज़ साथ बैठना, एक-दूसरे की चिंता करना और बिना कहे मन की बात समझ लेना—यही तो सच्चा प्रेम है।लेकिन जब जीवनसाथी अचानक साथ छोड़ जाता है, तब जीवन की सारी खुशियाँ जैसे खामोश हो जाती हैं। पीछे रह जाती हैं कुछ यादें, कुछ आँसू और कोई ऐसी निशानी, जिसमें आज भी अपने प्रिय का प्यार धड़कता है।यह कहानी एक ऐसे प्रेम की है, जिसकी बुनाई अधूरी रह गई, लेकिन जिसकी मोहब्बत मृत्यु के बाद भी