(एक महीना बीत चुका था। हवेली का वह कोना, जहाँ कभी करन की मौजूदगी से गर्माहट होती थी, अब बर्फ़ जैसा ठंडा और वीरान हो गया था।)(सिमरन अब उस सिमरन नहीं रही थी जो रोती-बिलखती दरवाज़े पर खड़ी रहती थी। उसके चेहरे के भाव गायब हो गए थे। आँखों में नमी नहीं, बल्कि एक सूखापन था। उसने अपने लंबे बालों को एक सख्त चोटी में बांध लिया था, जैसे वह अपने अतीत को भी कसकर बांधना चाहती हो।)(उस दिन डॉक्टर ने उसे पुष्टि की थी कि वह गर्भवती है। 'छह सप्ताह,' डॉक्टर ने कहा था। सिमरन ने बिना किसी प्रतिक्रिया