नमक हलाल

  • 273
  • 117

नमक हलालरामबाबू एक प्राईवेट कंपनी में एकाऊंटेंट थे। वे उन लोगों में से एक थे जिनका यह मानना होता है कि कर्म ही पूजा है और कार्यालय मंदिर। कंपनी के प्रति उनकी निष्ठा, समर्पण व ईमानदारी का न केवल कंपनी के मालिक ठाकुर रामदयाल जी और सभी डायरेक्टर्स बल्कि पूरा स्टाफ और क्लाइंट भी कायल थे। एकाऊंटेंट रामबाबू का हर काम एकदम परफेक्ट और समय पर होता था। इससे सभी उनसे खुश रहते थे।रामबाबू कंपनी ही नहीं, घर में भी एक अच्छा बेटा, आदर्श पति और पिता थे। उनके बुजुर्ग मम्मी-पापा उन्हीं के साथ कंपनी से मिले दो बी.ए