शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना माना शक्श है जिसकी शभी बहोत इज्जत करते है , अशोक अपनी बेटी जानवी को बहोत प्यार करता है , अशोक का काम बैंगलोर शहर मे भी जमा रखा है इसिलिए वो अपनी बेटी जानवी और पत्नी राधिका के साथ बैंगलोर शिफ्ट हो गया था। अशोक ने जानवी को बहोत लाड़ से पाला है इसिलिए अशोक चाहता है की उसकी बेटी की शादी एक अच्छे इंसान और एक अच्छे खानदान मे हो । अशोक अपनी बेटी जानवी के लिए एक अच्छे घर और खानदान से उसकी शादी का रिस्ता लाया है पर जानवी किसी और से प्यार करती है और उस लड़के को अशोक बिल्कुल भी पंसद नही करता है । जिसके कारण दोनो मे बहस होने लगती है ।
तेरे मेरे दरमियान - 1
आदित्य जो भारत के सबसे अमिर घर का छोटा बेटा है जिसके मेहनत से उसने अपने पापा के डुबते को भारत के सबसे बड़ा कंपनी बना दिया । अब वो अपनी पहचान छुपाकर जी रहा है आम जिंदगी ताकी वो अपने दम पर कुछ बन सके । इसी सफर मे उसे प्यार मे धोका मिलता है । क्योकी मोनिका को आदित्य की सच्चाई का पता नही था , वो उसे एक मामुली इंसान समझती रही । इसी बिच आदित्य की मुलाकात जानवी से होती है जो स्टेट के आमिर अशोक की बेटी है । अशोक अपनी बेटी की शादी आदित्य से करा देता है । पर जानवी किसी और से प्यार करती है । पर दोनो मे एक डिल होती है के वो दोनो कभी पति पत्नी की तरह नही रहेगा । अब क्या होगा जब मोनिका को पता चलेगा आदित्य के रईस होने का । और क्या जानवी आदित्य से प्यार कर पाएगी ? जानने के लिए पड़िए पुरी कहानी । ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 2
आदित्य: - मोनिका मेरी बात सुनो । हेलो , हेलो । मोनिका ।मोनिका :- देखो आदित्य, मैं जानती हूँ तुम मुझसे बहोत प्यार करते हो । पर एक बार सोचो सिर्फ प्यार से घर नही चलता , सपने पुरे नही होते । इसके लिए पैसा चाहिए । जहां पैसा है वहीं सब कुछ है । और तुम तो जानते हो के तुम मेरे शौक पुरे नही कर सकते , इसिलिए इसे यही पर खतम करते है । बॉय ।इतना बोलकर मोनिका फोन को काट देता है । आदित्य फोन पर मोनिका मोनिका पुकारता है और मोनिका फोन कट कर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 3
"इतना बोलकर जानवी फोन काट देती है । अशोक ये सब सुनकर हैरान था । जिस बेटी को उसने प्यार से पाला । आज उसी बेटी ने उसो छोड़ने का फैसला कर लिया । अशोक ये सब सौच ही रहा था के तभी विकास कहता है ।"विकास: - दैखा ना ससुर जी । आप खामखां मुझे दोष दे रहे थे । मैं कहां कुछ करता हूँ । जो करती है आपकी बेटी करती है ।अब घर जाओ और हो सके तो उसे रोक लेना । वरना मैं तो आज चला ।इतना बोलकर विकास उन लड़कियो के साथ अंदर चला ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 4
जानवी :- पापा ! पापा । ये क्या , ये सब कैसे हो गया ?अशोक :- कुछ नही बेटा अभी बिल्कुल ठिक हूँ । ये अगर नही होता । तो आज मैं भी नही होता ।अशोक आदित्य की और इशारा करके कहते है । जानवी आदित्य की और दैखती है । आदित्य का जबरदस्त पर्सेनालिटी दैखकर जानवी आदित्य को दैखती रह जाती है । जानवी आदित्य के पास जाती है और कहती है ।जानवी :- थैंक्यू सो मच । तुम्हारे वजह से मेरे पापा सही सलामत है ।आदित्य: - अपने पापा के लिए इतना प्यार है तो फिर उन्हें ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 5
अशोक की बात को सुनकर जानवी बहोत इमोशनल और कंफ्यूज हो जाती है । वो सौच मे पड़ जाती के वो क्या करे । इधर जानवी के पापा है तो उधर उसका प्यार विकाश । जिसे जानवी बेहद प्यार करती है । अशोक आदित्य के इस बेबाक अंदाज से बहोत हैरान हो जाता है । जो बात वो जानवी से कह नही पा रहा था वो आदित्य ने बिना किसी झिझक के कह डाला । अशोक मन ही मन सौचने लगता है काश ऐसा कोई लड़का उसका दामाद होता ।इधर आदित्य मोनिका के घर पहूँच जाता है । आदित्य ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 6
रेखा :- आप दोनो पागल हो गए हो । पैसे के चक्कर मे आदित्य जैसे लड़के को छोड़ना बहोत गलती है । और मोनिका कल तक तो आदित्य से तुम बहोत प्यार करती थी पर अब क्या हूआ । पैसे ने प्यार को खरीद लिया ?मोनिका :- माँ मैं आपकी तरह नही हूँ जो पैसे को छोड़कर प्यार को चुना । आज हमारी क्या हालत है और अगर आप एक पैसे वाले से शादी की होती तो आज आपकी हालत कुछ और होती । आप रानी बनकर रहती , ना की ऐसी जिदंगी बिताती ।मोनिका की बात को सुनकर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 7
गिफ्ट लेकर भरत कहता है ।भरत :- थेंक्यू सो मच आदित्य । अशोक साहब इनसे मिलिए ये है मेरे के सबसे होनहार लड़का आदित्य । जब से ये आया है तबसे मेरी कंपनी बाकी कंपनियों को पछाड़कर सबसे आगे है ।अशोक :- कैसे हो बेटा । तुम्हारी चोंट कैसी है ?भरत :- आप एक दुसरे को जानते हो ?अशोक :- एक्सीडेंट की वजह से मेरा आदित्य से परिचय हूआ । आदित्य के इस चोंट का जिम्मेदार मैं ही हूँ । और उन दिन अगर ये नही होता तो शायद मैं भी नही होता । इसने ही मुझे हॉस्पिटल लेकर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 7
आदित्य विकी का कॉलर पकड़ता है और विकी को एक जौरदार थप्पड़ मारता है । जिससे फिर से सभी हो जाता है । आदित्य विकी का कॉलर पकड़ता है और कहता है ।आदित्य: - बड़ों से और लड़की से बात करने ता तमीज नही है तुम मे । चल मेडम को सॉरी बोल वरना यही गाड़ दूगां तुझे ।आदित्य के ऐसा कहने पर अशोक और जानवी आदित्य को दैखता ही रहता है । तभी वहां पर भरत कहता है ।भरत :- आदित्य ये क्या कर रहे हो । तुम जानते नही ये कौन है । ये अगर चाहे तो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 8
आदित्य विकी का कॉलर पकड़ता है और कहता है ।आदित्य: - बड़ों से और लड़की से बात करने ता नही है तुम मे । चल मेडम को सॉरी बोल वरना यही गाड़ दूगां तुझे ।आदित्य के ऐसा कहने पर अशोक और जानवी आदित्य को दैखता ही रहता है । तभी वहां पर भरत कहता है ।भरत :- आदित्य ये क्या कर रहे हो । तुम जानते नही ये कौन है । ये अगर चाहे तो हमारी कंपनी बंद करा सकता है । विकी इसकी तरफ से मैं आपसे माफी मांगता हूँ और मैं वादा करता हूँ के कल से ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 9
भरत :- सॉरी बेटा आदित्य मुझे माफ कर दो । कल से तुम सब ऑफिस आ सकते हो ।आदित्य: नही सर । अब जब आपने हमे नौकरी से निकाल दिया है तो अब हममे से कोई भी कल से ऑफिस नही जाएगा ।आदित्य के इस तरह से कहने पर विकी मोनिका और भरत हैरान थे । अशोक और जानवी विद्युत के इस तरह से विकी को माफी मंगवाने से दोनो के नजर मे विद्युत का सम्मान और बड़ जाता है ।मोनिका मन ही मन सोचती है ।मोनिका :- आखिर इसमे कुछ तो बात है । वरना ये इस तरह ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 10
अशोक :- बेटी जानवी । ये आदित्य कुछ अजीब सा नही है ।जानवी :- मुझे तो कुछ अजीव नही ऐसा उसमे । और आप फिर से उसके बारे मे सोचने लग गए ।अशोक :- बात सौचनो वाली है बेटा । मुझे लगा , उसने भरत की नौकरी को और विद्युत जी के ऑफर को ऐसे छोड़ा जैसे उसे इन सब का कोई जरुरत ही नही है । जैसे वो कोई बहोत बड़ा रईस हो या रईस खानदान से हो ।जानवी :- वो पागल है । वो अपने उसके एक्स को दिखाने के लिए ये सब किया । जिसके लिए ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 11
आदित्य: - बोलिए सर , मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ ?अशोक :- बेटा मुझे तुमसे एक मदद । मैं कुछ चाहता हूँ और मुझे आशा है के तुम मुझे निराश नही करोगे ।अशोक की बात को सुनकर आदित्य और उसके दोस्त सोच मे पड़ गए थे । के इतना बड़े आदमी को आदित्य से क्या चाहिए । तब आदित्य हल्की मुस्कान लिए कहता है ।आदित्य: - जि सर कहिए , मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ ।अशोक कुछ सौचता है फिर कहता है ।अशोक :- अ... बेटा समझ मे नही आ रहा है के मैं तुमसे ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 12
विकास के बातो पर जानवी गुस्सा होकर कहती है ---जानवी :- तुम्हारी हिम्मत कैसै हूई ऐसा कहने की । पापा कभी भी मेरे से इस तरह का मजाक नही कर सकता है ।जानवी ये सब विकाश से कह रही थी और अशोक ये सब सुन रहा था ।जानवी :- वो मेरे पापा है और मेरे लिए जो कुछ भी सैचेगें मेरे लिए वो अच्छा ही होगा ।विकास: - अरे वाह । आज अचानक से तुम्हें अपने पापा पर बड़ा प्यार आ रहा है । उस बुड्ढे ने ऐसा पाठ पड़ा दिया तुम्हें । आज नही कल तो वो बुड्ढा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 13
विद्युत: - घर आ तेरे इस मॉल की खुशी मे मैं एक पार्टी दूगां वहां पर बात करते है - पार्टी !विद्युत: - अब तो तु अपना काम कर लिया ना । तो अब लोगो को बताने मे क्या जाता है ।आदित्य: - नही पापा । अभी वो वक्त नही आया है । आप शायद भूल गए के मेरे और आपके बिच क्या डिल हूआ था । के मैं पाँच साल तक अपनी पहचान छुपा कर रखूगां और अभी ये चार साल हो रहा है ।विद्युत: - पर तुमने तो अपना काम कर दिया ना ।आदित्य: - नही पापा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 14
मोनिका :- तुमने इसकी किमत नही दैखी क्या ? अगर मन बहलाने के लिये दैख रही हो तो ठिक पर गलती से भी इसे लेकर बिलिंग काउंटर के पास मत चले जाना ।आदित्य: - कृतिका ये तुम पर बहोत अच्छी लगेगी । ये तुम ले लो ।मोनिका :- बस हो गया आदित्य । मुझे इंप्रेस करने के लिए तुम्हें ये सब करने की कोई जरुरत नही है । मैं अब वापस तुम्हारे पास नही जाने वाली ।आदित्य: - मोनिका क्या प्लिज यहां से दुसरी और जाओगी । कृतिका ये कल के पार्टी मे तुम पहनना ।मोनिका :- तुम फटीचरो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 15
जानवी :- मतलब वो यही है और सबके सामने एक आम इंसान बनके रह रहा है ।विद्युत: - बिल्कुल कहा बेटा तुमने । वो चार साल से अपने सपनो के पिछे लगा है , एक आम जिंदगी बाता रहा है ।जानवी :- wow । तब तो आज आप उसे सबसे introduce कराने वाले हो ।विद्युत: - नही बेटा वो अभी यहां पर नही है । उसने कहा के उसे कुछ और काम करना है ।तभी वहां पर आदित्य और उसके दोनो दोस्त आ जाते है । आदित्य को दैखकर विद्युत आदित्य के पास जाता है और उसे गले लगा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 16
मोनिका :- ये तो विकास है । पर ये जानवी का हाथ ऐसे क्यों पकड़ा है । और ये यहां पर बिना इंवाईट के कैसे आ गया । कुछ गड़बड़ है ।जानवी :- हाथ छोड़ो मैं कहती हूँ ।विकास: - क्यो जानवी । ऐसा क्या हो गया जो तुम मुझसे बात तक नही कर रही हो । मैने ऐसा क्या कर दिया । अच्छा तो क्या तुम्हें कोई पंसद आ गया ।जानवी :- विकाश ये क्या बोल रहे हो ?विकास: - अगर ऐसी बात नही है तो चलो मेरे साथ अभी ।इतना बोलकर विकाश जानवी को जबरदस्ती वहां से ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 17
विकास उठता है और अपनी गाड़ी से एक और एसीड का बोतल निकालता है और जानवी की तरफ फेंक है । जिससे जानवी अपनी आंखे बंद लेती है और बाकी सब बहोत डर जाता है । तभी आदित्य भागकर जाता है और जानवी को गले लगा लेता है । जिससे एसीड आदित्य के पिठ पर गिर जाता है जिससे आदित्य के कपड़े गलने लगता है और कही कही चमड़ी पर भी लग जाता है जिससे आदित्य को दर्द होने लगता है ।जानवी डर से धिरे धिरे अपनी आंखे खोलती है तो दैखती है के उसको सामने आदित्य खड़ा था ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 18
मोनिका: - पापा । ये आपके हाथ मे किसका शादी का कार्ड है ?रघुनाथ :- तुम खुद ही दैख ।इतना बोलतर रघुनाथ कार्ड को अपनी बेटी मोनिका के हाथ पर दे देता है । मोनिका कार्ड को खोलकर पड़ने लगती है जिसमे आदित्य और जानवी का नाम था ।मोनिका: - ये कैसे हो सकता है । उस गरीब फटीचर की शादी अशोक मुखर्जी के बेटी जानवी के साथ । जानवी ने एक गरीब को कैसे चुन सकती है ।रघुनाथ: - दैखा क्या गेम खेला उसने । तुझे छोड़कर उसने एक अमिर लड़की को फसा लिया ।मोनिका ये जानकर बहोत ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 19
आदित्य :- देखो यार, तुम दोनों को तो पता है कि मैंने ज़िंदगी में बहुत मेहनत की है, तभी मैं इतना कामयाब हूं। लेकिन जानवी को मैंने कभी नहीं बताया कि मैं इतना अमीर हूं। उसे लगता है मैं एक सिंपल इंसान हूं।कृतिका :- देख, मैं समझ सकता हूं कि तूने ये क्यों छुपाया। लेकिन अब जब तुम दोनों की शादी होने जा रही है, तो उसे सच जानने का पूरा हक़ है।आदित्य :- मुझे डर लगता है कि कहीं ये सब जानकर उसके मन में मेरे लिए फीलिंग्स न बदल जाएं। मैं चाहता हूं कि वो मुझे मेरी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 20
मोनिका :- वाउ । ये बहोत अच्छा है । पता है जानवी ये मॉल बहोत एक्सपेंसिव है और यहां कलेक्शन का क्या कहना । तुम यहां पर अपने लिए कपड़े खरीद सकती हो । तुम्हें यहां पर दैखकर मुझे कोई हैरानी नही हूई । बल्की मुझे अच्छा लगा के तुम अपने और इस आदित्य को भी यहां पर लेकर आई । वरना ये बेचारा यहां पर कैसे आ पाता ।मोनिका की बात को सुनकर मॉल के स्टाफ सब हैरान और गुस्सा हो जाता है । पर आदित्य उन सब को सांत रहने का इशारा करता है । तभी जानवी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 21
आदित्य :- अरे बाहर क्यू है । अंदर लेकर आओ उसे ।रमेश बाहर जाता है और रश्मि के अंदर आता है । रश्मी दैखने मे बहोत सुदंर थी । रश्मी को दैखकर आदित्य हैरान हो जाता है और कहता है ।आदित्य: - वाह यार । भाभी तो बहोत सुदंर है । तुम्हें कहां मिल गयी ये ।रमेश :- ( शर्माते हूए ) वो क्या है ना मैं उस दिन RCB और CSK का मैच दैख रहा था ।रमेश अपने उस पल मे चला जाता है जहां रमेश एक केटिन पर बैठकर मैच दैख रहा था और वही पर रश्मि ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 22
मोनिका की बात को बिच मे ही काटकर रेखा कहती है ।रेखा :- तुम क्या चाहती हो बेटी । आदित्य के साथ रहना नही चाहती पर उसके साथ किसी और को देख नही सकती । ऐसी गलती मत करो बेटी । आदित्य को भूल जाओ । वो क्या करता है किसके साथ है ये सब मत सोचो । अब तुम सिर्फ विकी के साथ खुश रहने की कोशिश करो । यही तुम्हारे लिए अच्छा होगा ।रेखा के इतना कहने के बाद ही वहां पर विकास आ जाता है ।विकास वहां पर आकर कहता है ।विकास: - मोनिका सही बोल ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 23
जानवी :- मैं भी यही सौच रही थी । पापा मैं उनसे सिर्फ एक ही बात पूछना चाहती हूँ मेरा रेट कम होने के वावजूद भी उन्होने वो कांट्रेक्ट उस विकास को कैसे दे सकते है ?इतना बोलकर जानवी अचानक से चुप हो जाती क्योंकि जानवी बहोत दुखी हो जाती है और सामने आदित्य को दैखकर वही पर चुप होकर बैठ जाती है । जानवी को परेशान दैखकर आदित्य को बहोत बुरा लग रहा था ।अशोक :- मैने पता लगाया इस बारे मे । विकास को ये कांट्रेक खाश TEWARY'S के Recommends के कारण मिला है ।आदित्य हैरान हो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 24
जानवी :- बस थोड़ा सा और । हो गया हो गया ।जानवी बहोत ही प्यार और आराम से आदित्य जख्म को साफ करके नई पट्टी लगा देती है । जिससे आदित्य को बहोत अच्छा लगता है । पट्टी हो जाने के बाद आदित्य सर्ट को पबने जाता है तो जानवी दैखती है के सर्ट मे हल्का सा बल्ड लग गया था । जिसे दैखकर जानवी कहती है ।जानवी :- रुको इसे मत पहनो , इसमे बल्ड लग गया है ।आदित्य :- पर जानवी , अगर नही पहनूंगा तो जाउगां कैसे ? कुछ नही होगा , मैं घर मे घो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 25
अनय :- अगर ऐसा कुछ हूआ है । तो मेरा भरोसा किजिये वो टेंडर आपको ही मिलेगा । मैं बात जरुर पता लगाउगां ।अनय आदित्य से कहता है ।अनय :- Thank you. मुझे सच्चाई बताने के लिए ।इतना बोलकर अनय वहां से चला जाता है ।अशोक :- चलो अच्छा है । अब दैखते है क्या होता है ।जानवी :- क्या पापा ------ ये सब ढोंग है इनका । खुद ही सिफारिस करते है और हमारे सामने अनजान बनते है ।आदित्य: - नही जानवी । अनय कभी झुट नही बोलता । अगर टेंडर अनय का नाम लेकर गलत तरीके से ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 26
विकी :- तेरी इतनी हिम्मत । तु जानता नही है , तुने किसपर हाथ उठाया है । अब तुम की उलटी गिनती सुरु ।जानवी अपने बारे मे विकी के मुह ये गलत सुनकर बहोत दुखी थी । जानवी समझ गयी थी के विकास के साथ रिलेशनशिप मे रहना उसके लिए सबसे बड़ी गलती थी । विकी ने सबके सामने जानवी को जलील किया था उसके प्राईवेट बातो को सबके सामने सेयर कर दिया था । जानवी को अपने आप पर बहोत शर्म महसुस हो रहा था के उसने विकास जैसे घटिया लड़के के साथ प्यार किया था ।आदित्य :- ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 27
विकी और मोनिका :- जानवी मेम ----- प्लीज मुझे माफ कर दिजिए । आंइदा आगे से ऐसी गलती हमसे नही होगी ।अशोक ये दैखकर बहोत खुश था और आदित्य के चेहरे पर हल्की मुस्कान था और जानवी आदित्य की और हैरानी से दैख रही थी ।सभी पार्टी से जा चुके थे , पर मोनिका और विकी दोनो ही पार्किंग मे अपने कार पर बैठा था। मोनिका पार्टी मे हूई घटना से बहोत गुस्से मे थी क्योंकि वो आदित्य से हार गई थी । मोनिका मन ही मन बहोत बुरा feel कर रही थी ।पर विकी आज की रात को ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 28
विकी आदित्य के वजह से वो मोनिका के साथ वो सब नही कर पाया जो वो करना चाहता था गुस्से से कहता है -------विकी :- उस आदित्य के वजह से मेरा बार बार Insult हूआ । और उसकी वजह से ही मैं मोनिका के साथ वो सब नही कर पाया । पर अब मुझे कुछ और सोचना पड़ेगा ।तभी विकी का मोबाइल रिंग होता है विकी दैखता है के उसमे मोनिका का कॉल आ रहा था । विकी फोन को रिसिव करके कहता है -----विकी :- हाय बेबी । मैं अभी तुम्हारे बारे मे ही सोच रहा था । ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 29
तिरु और आदित्य वहां से चला जाता है तो अशोक हार को दैखकर कहता है -----अशोक :- बेटा ये दैखने मे तो बहोत मंहगा लगता है ।जानवी :- पता नही पापा ये आदित्य कौन है , कभी कभी ये कुछ ऐसा कर जाता है के मैं भी सौच मे पड़ जाती हूँ । आखिर ये है कौन ?इधर आज आदित्य और जानवी का हल्दी का रस्म था । हल्दी तिवारी मेंशन मे थी एक तरफ दुल्हा आदित्य था तो दुसरी तरफ दुल्हन जानवी । दोनो ही तरफ पार्टी चल रही थी । हल्दी और शादी मे सभी को इंवाईट ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 30
रेखा हल्दी लगाते हूए कहती है -----रेखा :- हमेशा खुश रहो । जानवी बहोत प्यारी बच्ची है , तुम की जोड़ी की किसीकी नजर ना लगे ।रेखा के इतना कहने पर आदित्य और सभी खुश हो जाता है पर रघुनाथ और मोनिका गुस्से से रेखा को ही दैख रहा था ।शाम का समय था , रघुनाथ मोनिका और विकी एक साथ बैठे थे तभी मोनिका कहती है ----मोनिका : - कहा आके फंस गयी मैं , विकी तुम एक काम करो , हमे घर तक छोड़ दो ।विकी :- नही मैं ऐसा नही कर सकता , अनय सर हमे ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 31
मोनिका विकी के ऐसा कहने पर हैरान थी उसे अब आदित्य के बातो पर भरोसा होने लगा था । फिर कहती है -----मोनिका: - विकी , ये हार असली तो है ना ?विकी घबराते हूए कहता है -------विकी :- अ.....हां .... ये बिल्कुल असली हार है । तुम भी इसके बातो मे आ गई । तु ...तु ... तुम चलो यहां से , नही तो ये तुम्हें अपने बातो मे फसा देगा ।विकी मोनिका को वहां से लेकर चला जाता है । तो जानवी आदित्य से कहती है -----जानवी :- तुम्हे कैसे पता चला के वो हार नकली है ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 32
अशोक जानवी की बात को सुनकर हैरान और परेशान भी हो जाता है के उसके कारण कही आदित्य की बर्बाद ना हो जाए । पर. अशोक अब करता भी क्या , कल मेंहदी और परसो शादी जो थी ।शादी वाली रात पार्टी की सजावट सबसे शानदार थी सभी पार्टी की अरेंजमेंट को दैखकर हैरान थे के आदित्य ने इतना बड़ा पार्टी को अरेंज कैसे किया ? शभी शादी के लिए तैयार हो रहे थे । रमेश और कृतिका भी तैयार हो गया था ।कृतिका रमेश से कहती है -----कृतिका :- मैं कैसी लग रही हूँ ?रमेश :- एक दम ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 33
जानवी :- नही पापा प्लिज ऐसा मत बोलो । आप जहां कहोगे मैं वही शादी करुगी पापा ।विकास जानवी बात को सुनकर हैरान था उसो अपना प्लान फेल होता हूआ नजर आता है । जानवी विकास के पास जाती है और कहती है ----जानवी :- I am sorry विकास , मैं पापा को छोड़कर तुम्हारे साथ नही आ सकती , I am sorry .विकास बिना कुछ बोले ही वहां से चला जाता है , विकास के जानो के बाद जानवी रोने लगती है ।अशोक अपनी बेटी की आंखो मे आंसु को दैखकर बहोत दुखी हो रहा था पर अशोक ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 34
मोनिका :- क्यो , आज मैं चुप नही रहूंगी । ये सजावट किससे कराया जानती हो , विक्की से लवर विक्की से ताकी वो मुझे निचा दिखा सके । अरे नही होती मुझे जलन - वलन , तेरे जैसे लड़के को तो मैं नजरे उठाके देखु भी ना । और सबसे बेकार है ये लड़की, जो इस भिखारी से शादी कर रही है ।जानवी को ये सब सुनकर गुस्सा आने लगा था वो उठकर मोनिका को मारना चाहती थी पर आदित्य ने जानवी का हाथ पकड़कर उसे रोक लेता है ।आदित्य :- पंडित जी आप मंत्र पड़िए ।मोनिका फिर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 35
अशोक :- अब अंकल नही , पापा बोलो दामाद जी ।आदित्य :- जी पापा , आईए बेठिए ना ।अपने को दैखकर जानवी भी उठ जाती है तो अशोक कहता है --अशोक :- अरे बेटा तुम क्यो उठ रही हो , दामाद जी इतने प्यार से तेरे लिए नास्ता बनाया है , इसे बिना खाये मत उठना ।जानवी अपने के पापा के बात को सुनकर वही बैठ जाती है । और खाने लगती है , जानवी को खाना बहोत ही स्वादिष्ट लगता है । और मजे लेकर खाने लगती है दिसे दैखकर अशोक खुश हो रहा था । खाते खाते ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 36
पूनम :- अच्छा ठिक है पर आज हम सब यही रुकने वाले है और कल खाना खा के जाउगीं :- पर माँ मैं जानवी को क्या बताउगां ।पूनम :- तु उसकी चितां मत कर हम सब तैयारी करके आए है तु ये बता जानवी कहां है ?आदित्य :- एक मिनट मैं दैखकर आता हूँ ।आदित्य जानवी के पास जाता है और उससे कहता है --आदित्य : - जानवी , वो विद्युत तिवारी और उनके फैमिली आए है ।जानवी ये सुनकर थोड़ी सी हैरान होती है पर जानवी वहां पर आ जाती है ।जानवी सबके पैर छुती है तो पूनम ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 37
आदित्य: - जानवी ऐसी बात नही है , हमारी शादी हो चुकी है तो इसमे अब मोनिका का कोई नही है । और हां मैं तुम्हारे साथ यहां पर वो सब करने के लिए नही आया था । आज हमारी सुहागरात है तो तुम्हें कही बुरा ना लगे इसलिए मैं यहां पर आया था ।जानवी :- ओहो । इतनी केयर करने के लिए सुक्रिया । पर अब तुम जाओ , मेरा मुड खराब मत करो ।आदित्य: - कैसी बात कर रही हो जानवी , बाहर सब बैठे है अगर मैं निकल गया तो सभी क्या समझेगें ।जानवी :- मैं ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 38
जानवी :- आप कहना क्या चाहते हो पापा ?अशोक : - बेटी ये सब आदित्य के वजह से हो है । कुछ तो बात है आदित्य मे जो हमे पता नही है । बेटा तुम्हें आदित्य जैसा पति नसीब से मिला है , उसका हमेशा ध्यान रखना , खुश रहो ।अशोक फोन कट कर देता है । जानवी अशोक के बातो को सुनकर हैरान थी जानवी आदित्य के पास जाती है जहां पर आदित्य बेठ कर कुछ काम कर रहा था , जानवी बड़े गौर से आदित्य की और दैखती है , आदित्य के चेहरे पर बिल्कुल भी टेंशन ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 39
आदित्य कृतिका से कहता है ----आदित्य :- कुछ नही , शांत रहो ।रमेश :- यार आदित्य, कृतिका सही बोल है यार , ठिक है उसे तेरे साथ नही रहना पर जब तक तुम दोनो अलग नही हो जाते तब तक तो वो ऐसा नही कर सकती ।रश्मी : - रमेश ठिक बोल रहा है आदित्य , और वैसे भी अगर उसे बाहर आना ही था तो कही और चली जाती , जब उसने दैखा के तुम यहां पर हो तो कम से कम उसे यहां से चले जाना चाहिए था ।आदित्य :- दैखो , तुमलोग इतना मत सोचो , ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 40
जानवी हैरान थी के सुबह इतना कुछ होने के बाद भी आदित्य एक दम शांत था ।जानवी अपने कमरे आती है और सो जाती है ।दुसरे दिन सुबह आदित्य तैयार होकर जानवी के लिए कॉफी बनाता है और उसके कमरे मे लेकर चला जाता है जहां पर जानवी सो रही थी । आदित्य जानवी के पास जाता है और उसो उठाते हूए कहता है ---आदित्य: - जानवी , जानवी ।आदित्य को पुकारने पर जानवी का निंद खुल जाता है ।आदित्य :- कॉफी पी लो और फ्रेस हो जाना , मैं काम से बाहर जा रहा हूँ आने मे शाम ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 41
मोनिका :- पर तुमने एक काम बहोत अच्छा किया , उस धोकेबाज आदित्य को छौड़कर । वरना वो तुम्हारी बरबाद कर देता । मुझे तो पहले एक चीज समझ मे नही आ रही थी के तुमने उससे शादी के लिए हां कैसे कर दिया ।विक्की :- अरे तब शायद जानवी को पता नही था के वो एक फ्राड है , और उसकी औकात ही क्या है जो जानवी का लाईफ पार्टनर बने ।मोनिका : - उसने जानवी को बहला फूसला कर पैसो के लिए इससे शादी तो कर लिया , पर अब जानवी को उसका असली चेहरा का पता ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 42
दुसरा बदमास कहता है --->" अरे मेरी जान , इतनी खुबसूरती का क्या करोगी , थोड़ा रस हमे भी चखने दो । कसम से बस एक बार , एक बार मेरे साथ एक रात बितालो , पुरी रात सोने नही दूगां वादा करता हूँ ।जानवी अपना कदम और तेज चलाने लगती है , तभी एक बदमास जानवी का हाथ पकड़ लेता है , जानवी अपना हाथ छुड़ाकर वहां से भागने लगती है , जानवी भागते हूई गिर जाती है जिससे उसका पैर मुड़ जाता है और घुटने मे चौट लग जाती है , जानवी जैसे तैसे उठकर लड़खड़ाती हूई ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 43
अशोक कहता है ----->" ये पैरो मे चोट और कल तुम कहां गयी थी , दामाद जी से पूछा उन्होने कहा के तुम अपने दोस्तो के साथ बाहर गयी हो । पर मैं जानता हूँ के तुम्हारे ऐसे कोई दोस्त है ही नही और ना ही तुम बाहर जाना पंसद करती हो , सिवाई विकास के ।जानवी कहती है ---->" कल मन थोड़ी खराब था इसिलिए मैं बाहर चली गई थी ।अशोक नाराज होकर कहता है --->" ऐसे कौन बाहर जाता है , इतना फोन किया पर तुमने एक बार भी जवाब नही दिया , तुम्हें पता है कल ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 44
त्रिपूरारी को दैखकर आदित्य बहोत खुश हो जाता वो दौड़कर अपने मामा के पास जाता है और गले लगते कहता है --आदित्य :- अरे मेरे प्यारे कंश मामात्रिपुरारी :- बस यही मेरी सारी खुशी बेकार हो जाता है ।त्रिपुरारी खाने की खुशबू सुघंतै हूए कहता है --त्रिपुरारी :- अहा ... लगता है बहोत स्वादिष्ट खाना बनाई है बहू ने ।इतना बोलकर त्रिपुरारी कुर्सी पर बैठ जाता है और कहता है --त्रिपुरारी :- अरे वाह । पनीर टिक्का और स्पाइसी बिरयानी भई क्या बात है दैखकर ही मुह से पानी आने लगा ।आदित्य: - अरे कंश मामा , पहले हाथ ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 45
विकास कहता है ---विकास :- ये क्या बनाकर लाई हो जानवी । छी : इसे खाना और जहर खाना जैसा है ।जानवी कॉफी को एक सिप पिती है पर जानवी को कॉफी मे कोई बुराई नही लगी । तब जानवी कहती है --जानवी :- विकास कॉफी तो अच्छी बनी है ।विकास :- इसे तुम कॉफी कहती हो ।जानवी :- मैने पहली बार आज तुम्हारे लिए कॉफी बनाई । ठिक है तुम्हें पंसद नही आया , पर कॉफी बुरी भी नही है , जैसै तुमने रियेक्ट किया ।विकास :- ओ हो , अगर बुरी बनी है तो बुरा ही कहूँगा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 46
विकास :- यही कुछ 1000 करोड़ की ।काली :- साला , एक ही बार मे बड़ा हाथ , चल है तेरा काम हो जाएगा । पर इस काम के लिए मुझे 50 करोड़ चाहिए ।50 करोड़ सुनकर विकास हैरान होकर कहता है ---विकास :- भाई 50 करोड़ ?काली :- पुरी बात तो सुन ।विकास :- जी भाई ।काली :- 50 करोड़ लड़की को उठाने का , क्योकी हाई प्रोफाईल मामला है तो पुलिस को भी खिलाना पड़ेंगां , क्योकी पुलिस का लफड़ा नही मंगता है । 50 करोड़ साईन कराने का और 50 करोड़ उस बुड्डे को उठाने का ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 47
आदित्य तिरु से कहता है --आदित्य :- मामा जी , पापा ने मेरे साथ ऐसा क्यू किया , क्या इतना बुरा हूँ ।आदित्य की बात सुनकर तिरु उसके गाल पर हाथ फेरता है और कहता है --तिरु :- नही मेरे बच्चे , तु बुरा नही है । बुरा तेरा गुस्सा और तेरी जिद्द है , जिसे कम करने के लिए तेरे पापा ने तुझे यहां पर भेजा था ।आदित्य :- पर ये बात तो वो भी मुझसे बोल सकते ना । अगर वो ऐसा बोलते तो मैं कभी गुस्सा नही करता ।आदित्य की बात को सुनकर तिरु हैरान हो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 48
विकास काली को फोन करता है और कहता है --विकास :- भाई जैसा आपने कहा था के मैं जानवी इंग्नौर करु और उसका फोन ना उठाऊ , मैने वैसा ही किया । पर भाई इससे क्या होगा ?काली :- अबे जले हूए माचिस की तिल्ली । मेरे पंटर लोग 2 दिन से उस लड़की को उठाने का कोशिश कर रहा है पर वो साली घर से निकलती ही नही है , और निकलती है तो उसके साथ उसका हसबेंड होता है ।विकास हैरानी से पूछता है --विकास :- तो इसमे मेरे फोन ना उठाने से क्या होगा । क्या ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 49
जानवी डर जाती है और काली को रौकते हूए कहती है --जानवी :- नही रुको । मैं साईन करती , पापा को छोड़ दो , उन्हें कुछ मत करो ।काली अपने आदमी को इशारा करके पेपर जानवी को देने को कहता है वो आदमी पेपर और पेन जानवी को दे देता है , जानवी उस पर साईन कर देती है । और पेपर उस आदमी को दे देती है । तब काली कहता है --काली :- बस हो गया , अब दोनो जा सकते हो , इतनी सी बात के लिए कितना टाईम वेस्ट किया बोलो तो ।तभी वहां ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 50
इंस्पेक्टर :- जी , उन्ही का कंप्लेन है के आदित्य ने उनके और पापा को किडनेप किया और उससे 16 तारिक की रात को उनपर एसिड से अटेक करवाया ।कृतिका :- सर वो लड़की एक नम्बर की फ्राड है धोकेबाज है ।कृतिका इंस्पेक्टर को सब कुछ बोलतर सुनाती है और कहती है --कृतिका :- सर अब आप ही बताओ , जो लड़का उसके हर कदम पर साथ रहा वो भला ये सब कैसे कर सकता है ।इंस्पेक्टर :- देखिए मेडम , वो सब तो ठिक है पर अभी तो इसे हमारे साथ चलना ही पड़ेगा ।कृतिका :- पर सर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 51
विकास :- जानवी , क्यों ना हम शादी कर ले !जानवी ( खुशी से ) :- क्या , क्या सच बोल रहे हो ।विकास :- हां जानवी , अब मैं तुमसे और दुर नही रह सकता , हमे कोई और अलग करने की कोशिश करे उससे पहले हम शादी करके एक हो जाते है ।जानवी :- हां विकास ।विकास :- मैं पंडित जी से आज बात करता हूँ और एक अच्छी तारिख निकाल कर तुम्हें बताता हूँ ।जानवी :- सबसे नजदीक वाली डेट निकालना ।विकास :- मन तो कर रहा है के अभी तुम्हें मंदिर ले जाकर तुमसे शादी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 52
एक्सीडेंट सुनकर जानवी डर जाती है और वो हॉस्पिटल की तरफ चली जाती हैइधर उसी हॉस्पिटल मे आदित्य रमेश कृतिका के साथ अपने चोंट लगने के बाद चेकअप कराने के लिए आया था । जहां पर डॉक्टर रागिनी जो प्रताप सिंह की बेटी थी वो आदित्य का चेकअप कर रही थी । आदित्य और रागिनी एक दुसरे को बचपन से जानते थे । रागिनी आदित्य से कहती है --रागिनी :- सब ठिक है 2 हफ्ते मे सब ठिक हो जाएगा ।आदित्य :- थेक्स रागिनी ।रागिनी :- थेंक्स से काम नही चलेगा । इतने दिनो बाद मिल रहो हो कुछ ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 53
विद्युत रागिनी से कहता है --विद्युत :- Congratulation बेटा ।रागिनी :- थेंक्यू अंकल ।विद्युत :- प्रताप , तेरी बेटी अब बहोत बड़ी डॉक्टर बन गई है ।पूनम :- और बहोत सुदंर भी है । काश तु मेरे घर की बहू बन जाती।रागिनी :- आपने तो मेरे मन की बात कर दी आंटी , पर ये बात उस डफर आदित्य को कौन समझायेगा । वो तो मुझे अपने दोस्त के अलावा कुछ और मानता ही नही है ।रागिनी के इतना कहने बाद सभी हसने लगते है तब पूनम कहती है --पूनम :- चल बेशरम । कैसे सबके सामने अपना शादी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 54
रागिनी की बात को सुनकर सभी हक्का बक्का रह जाता है ।रागिनी फिर कहती है --रागिनी :- मैं उस शाम को कभी नही भूल सकता , जब आदित्य मेरे पास आया था , उसी शाम को मैं भी आदित्य को अपने दिल की बताने वाली थी । पर उससे पहले ही इसने तुम्हारे बारे मे बता दिया । फिर बाद मैने भी आदित्य को अपनी दिल की बात बताई पर क्या फायदा ये तो तुम्हारा हो चुका था । अब पता चला के ये फिर से सिगंल हो गया है तो ट्राई मार रही हूँ के काश ये शादी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 55
मोनिका नेक्लेस दैखकर बहोत खुश हो जाती है और कहती है --मोनिका: - वाव , कितना सुंदर है , विक्की ।विक्की :- सुंदर तो है , पर तुमसे ज्यादा नही ।इतना बोलतर विक्की मोनिका को लेकर वही कार मे फिरसे किस करने लगता है ।इधर अशोक अपनी बेटी जानवी के लिए बहोत परेशान था क्योकी जानता था के अगर जानवी की शादी विकास के साथ हो गया तो जानवी की लाईफ बर्बाद हो जाएगी । अशोक मन ही मन सौचता है और कहता है --अशोक :- नही नही , मै ये शादी नही होने दूगां । बस 2 दिन ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 56
आदित्य :- अहां । मैं नही रोकुगां ।मोनिका :- तो फिर कौन रोकेगा ।आदित्य फिर हल्की मुस्कान देता है मोनिका समझ जाती है के आदित्य ने पुलिस को बुलाया है । मोनिका कहती है --मोनिका :- नही नही तुम ऐसा नही कर सकते ।आदित्य :- मैं ऐसा ही कर रहा हूँ ।मोनिका :- कितने सेलफिश आदमी हो तुम , अपने फायदे के लिए तुम जानवी की खुशीयों को छीन लोगे । तुम ऐसा कैसे कर सकते हो । जानवी के पापा ने तुम्हारे आगे हाथ जोड़े उसका तो सरम करो ।आदित्य :- मुझमे सरम है ही नही ।मोनिका :- ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 57
कृतिका :- कैसे चितां ना करु । अंकल ( अशोक ) आप उसे कल अपने घर लेकर आईएगा । आपकी बेटी को नही संभाल सकते । आदित्य ऐसे ही बहोत परेशान है उसे और परेशान मत किजिये ।,आदित्य: - कृतिका ..!कृतिका :- क्या कृतिका हा , क्या कृतिका । कब तक दुसरो के लिए जिओगे । अरे तुम भी इंसान हो भगवान नही , मैं जानती हूँ मोनिका से तुं कितना प्यार करते हो , पर कभी जताया ही नही , सबके सामने ऐसे दिखाया जैसे तुम्हें कोई फर्क ही नही पड़ता । मुझे लगा था जानवी समझदार होगी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 58
आदित्य जान बूझकर जानवी को जलाने के लिए कहता है --आदित्य :- कंश मामा ..!तिरु :- येस भांजे ।आदित्य कितना मजा आ रहा था । इतने सारे लोग , म्यूजिक और ये खाना वाह । मजा आ गया ।तिरु :- हां भांजे । मजा तो बहोत आया । अब चलो , बबोत खाना खा लिया , अब सोने चलते है ।आदित्य : - जी मामा जी , चलिए ।जानवी को ये सब बहोत अजीब लग रहा था वो आदित्य को परेशान करने के लिए बहोत कुछ कर रही थी पर आदित्य उसके चाल को नाकाम कर देता था ।जानवी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 59
उन बदमाशो मे से एक जानवी के करीब आने लगता है , जानवी चिल्लाती है --जानवी :- नही , मुझे जाने दो । हेल्प मी प्लिज ।जानवी की आवाज सुनकर आदित्य और उसके दोस्त उपर की और भागता है जहां से जानवी की आवाज आ रही थी । आदित्य वहां पर पहूँच चुका था , आदित्य दैखता है के दौ लड़का जानवी का पैर पकड़ा था और एक जानवी का हाथ और एक लड़का उसके करीब जा रहा था ।जानवी के कपड़े फटे हूए थे । जानवी जैसे ही आदित्य को दैखती है , वो कहती है --जानवी :- ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 60
आदित्य :- कृतिका , छोड़ो , चुप हो जाओ ।कृतिका :- क्या चुप हो जाओ । ये अपने आपको क्या है , ये जो बोलेगी वही सही और हम सब गलत । ऑफिसर आप उस विकास को अभी अरेस्ट किजिये और उससे पूछताछ किजिये जब तक वो सच ना बोल दे उसे इतना मारीए के वो सच बोल दे ।इंस्पेक्टर :- हम उसे जल्द ही पुछताछ करेगें । अच्छा अब मैं चलता हूँ ।इंस्पेक्टर इतना बोलकर वहां से चला जाता है । जानवी अपने कमरे मे चली जाती है और मन ही मन सौचती है --जानवी :- ये कैसे ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 61
आदित्य: - तुम्हें जो समझना है तुम समझो , मुझे उससे कोई लेना देना नही है , बस तुमसे रिक्वेस्ट है , मुझे मेरे विकास से अलग मत करो । मैं उसके बिना नही रह सकती । ये पुलिस का खेल खेलना बंद करो । विकास को छोड़ दो और हमे जिने दो । अगर तुमने मोनिका से जरा सा भी प्यार किया है तो तुम्हें इस प्यार ती कसम , हमे एक नही कर सकते तो हमे अलग मत करो प्लिज आदित्य । मैं तुम्हारी कभी नही बन सकती , ये सोचना बंद कर दो आदित्य । I ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 62
मोनिका घर से विक्की से मिलने के लिए निकल जाती है ।मोनिका को रास्ते पर विक्की की कार दिखाई है , तो मोनिका भी ऑटो को उस कार का पिछा करने के लिए कहती है ।कुछ दुर पिछा करने के बाद विक्की की कार एयरपोर्ट पर रुकती है , मोनिका अपनी धिरे आवाज से कहती है ---मोनिका :- ये विक्की यहां , एयरपोर्ट पर क्या करने आया है ?कही ये बाहर तो नही जा रहा है ।इतना बोलकर मोनिका विक्की को फिर से कॉल करती है , विक्की अपना फोन निकालता है और मोनिका का नम्बर दैखकर कॉल को ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 63
विक्की :- और नही तो क्या , तुम्हारी औकात ही क्या है , तुमने यो सोचा भी कैसे के विक्की से शादी कर सकती हो । अरे तुम्हारी जैसी लड़की तो हर रोज मेरे आगे पिछे घुमते है , मैने तुम्हें अपने करिब आने दिया अपने साथ घुमाया , तुम्हारे लिए इतना बहोत है । और तुम मुझसे , मुझसे शादी करने की सौच रही हो । अपनी औकात की कोई लड़का देखो और शादी करलो । और हां कल मेरे ऑफिस आ जाना कुछ पैसे ले लेना , तुम्हारी काम आएगी ।इतना बोलकर विक्की फोन काट देता है ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 64
शमिका :- तुम सच बोल रहे हो ।विक्की :- हां शमिका , मैं तुमसे झुट क्यों बोलूगां । बेचारी हाथ मे लेते ही रो पड़ी ।शमिका विक्की की बातो पर भरोसा करने लगी , क्योकी जब मोनिका जा रही थी तब वो रो रही थी । और निक्की ने भी ऐसा ही कहा ।शमिका :- चलो , जल्दी से तैयार हो जाओ ।विक्की :- कहां , मुझे आफिस जाना है । काम है बहोत , अगर ऑफिस नही जाउगां तो नोकरी चली जाएगी ।शमिका अपना फोन निकालती है और आदित्य को लगाती है उधर से आदित्य की आवाज आती ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 65
इधर जानवी पुलिस स्टेशन पहूँच जाती है और अंदर चली जाती है जहां पर इंस्पेक्टर विक्रम जानवी को दैखकर है --इंस्पेक्टर :- आईए मेम । ( अपने सिपाही से कहता है ) कदम उन लोगो को मेम के पास लेकर आओ ।कदम :- जी सर ।कदम उन लोगो को लाने चला जाता है , विक्रम जानवी से कहता है --विक्रम :- कल फिर इन लोगो ने एक लड़की से छेड़छाड़ किया , तो मुझे लगा के शायद ये वही लोग होगें जिन्होने आपके साथ भी बदतमीजी किया था ।जानवी :- पता चला ये लोग किसके लिए काम करता है ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 66
मोनिका :- पर .. क्या आदित्य फिर से मुझे अपना़येगा , मोनिका जो करना है जल्दी कर तेरे पास बहोत कम है । आदित्य के दिल मे मेरे लिए अब भी जगह है या नही ये पता करने के लिए मुझे उससे मिलना पड़ेगा ।इतना बोलकर मोनिका अपना फोन निकालती है और आदित्य को कॉल लगाती है ।इधर आदित्य मोनिका का कॉल आता दैख कर फोन को रिसिव कर लेता है आदित्य करता है --आदित्य :- हां मोनिका कहो , किस लिए कॉल किया तुमने ।मोनिका :- आदित्य , क्या अब भी नाराज हो मुझसे ।आदित्य :- मैं कौन ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 67
काली गुस्से अपने दांत भिंचते हूए कहता है ---काली :- " आ....ह , थक गया हूँ मैं इन पुलिस से भागते - भागते , उस विकास के चक्कर मे कहां फस गया मैं , अगर पता होता के ये केस तिवारी फैमिली का है तो मैं उस लड़की को कभी किडनैप करता ही नही । साले ने मुझे फसा दिया और खुद खुले मे घुम रहा है , रुक अभी उसे बताता हूँ ।इतना बोलकर काली अपना फोन निकालता है और विकास को कॉल करते हूए कहता है --विकास के फोन पर न्यु नम्बर पर कॉल आ रहा था ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 68
कृतिका कहती है --कृतिका :- हां कम क्या , प्यार है नही आदित्य को दिल मे तुम्हारे लिए । जो इसके साथ किया है इसके बाद तुम्हें जरा सा भी शर्म नही आई , एक बार इसे दुख दे चुके हो अब क्या करने आई हो यहां पर ।मोनिका :- नहीं कृतिका तुम गलत सोच रही हो ।कृतिका :- मैं सब सही समझ रही हूँ , जब विक्की के साथ थी तब तो बड़ी ओकात - ओकात करती थी , अब आज क्या हो गया , विक्की ने तुम्हें औकात दिखा दिया क्या ?आदित्य कृतिका तो रोकते हूए कहता ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 69
“मोनिका की बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि कृतिका ने बीच में ही काटते हुए कहा—”कृतिका :- ! अब मेरी बात सुनो -- आदित्य के लाइफ मे अब तुम्हारे लिए कोई जगह नही है , उसे अब सांती से रहने दो और फिर कभी भी आ आदित्य की और मत दैखना ।तभी जानवी मुश्किल से मैन गेट तक पहूँचा ही थी के जानवी के मुह से फिर से दर्द भरी आवाज आती है और जानवी दर्द के कारण वही पर बैठ जाती है , आदित्य भागते हूँ जानवी के पास जाता है और जानवी को संभालते हूए ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 70
कुछ लोग मुस्कुरा रहे थे—“लगता है आदित्य सर का सॉफ्ट साइड भी है।”जानवी यह सब देख सुन रही थी, आज उसे फर्क नहीं पड़ रहा था। उसके लिए आज बस आदित्य का हाथ और उसकी केयर मायने रखती थी।चलते-चलते जानवी की नजर हर थोड़े-थोड़े समय में आदित्य पर चली जाती। उसके मन में एक ही सवाल बार-बार उठ रहा था:जानवी :- “अगर यह आदमी इतना बुरा था… तो मेरा दिल अब इसकी तरफ ऐसे क्यों खिंच रहा है?”जब भी आदित्य उसके पैर को ध्यान से देखता, हर कदम पर उसे संभालता, तो जानवी के भीतर एक नर्मी फैल जाती।अशोक ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 71
आदित्य फोन कट देता है , जानवी को कुछ समझ मे नही आ रहा था के दोनो के बिच के बारे मे क्या बाते हूई , तभी रागिनी आदित्य से पूछती है --रागिनी :- क्या बात है आदित्य , क्या कहा इंस्पेक्टर ने ।आदित्य :- वो बोल रहा था के विकास और काली ने मिलकर किसी रंगा को मुझे मारने के लिए भेजा है ।इतना सुनकर रागिनी और जानवी दोनो हैरान थे , रागिनी ये सुनकर घबरा जाती है और जानवी स्तब्ध थी । उसे अपने कानो पर भरोसा नही हो रहा था के विकास ऐसा कर सकता है ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 72
कुछ देर बाद पापा ने नरमी से कहा—अशोक :- "बेटा, तू पहले अपने आपसे साफ-साफ कह—क्या तू उसे खोने डरती है?"जानवी ठहर गई। दिल का जवाब बिना सोचे आया:जानवी :- "हाँ, पापा… बहुत डर लगता है।"अशोक :- "तो प्यार है ये बेटा , तु जा और जाके उसे बोल दे ।ये शब्द जैसे उसके पूरे अस्तित्व को चुप करा गए।सच्चाई, जिसे वह आजतक नकारती रही, आज उसी की आंखों के सामने खड़ी थी—वह आदित्य से प्यार करती है।जानवी ने गहरी सांस ली। चेहरा साफ किया। खुद को संभाला।जानवी :- "पापा… अब मुझे वापस जाना होगा। पापा आदित्य की जान ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 73
मोनिका :- क्यों आदित्य, क्या हूआ , हम ऐसा क्यों नही कर सकते ।आदित्य :- क्योंकी ये गलत है :- कुछ गलत नही है आदित्य । हम दोनो एक दुसरे से प्यार करते है ना?आदित्य :- नही मोनिका , मैं तुमसे प्यार करता था , पर अब नही ।मोनिका :- अब नही का क्या मतलब ।इतना बोलकर मोनिका फिर से आदित्य के करिब आने की कोशिश करती है , तो आदित्य मोनिका को रोकते हूए कहता है --आदित्य: - मैं जानवी से प्यार करता हूँ ।आदित्य से इतना सुनकर मोनिका हैरान हो जाती है , आदित्य भी हैरान था ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 74
अशोक फिर कहता है --अशोक :- बेटा मैं तुम्हें बाद मे कॉल करता हूँ ।आदित्य :- ठिक है पापा फोन काट देता है और जानवी के पास चला जाता है , जानवी अपने कमरे मे थी , जानवी को बहोत दुख हूआ था उसके सपने उसका दिल टुट चुका था और अब जानवी फूट - फूट कर रो रही थी ।अशोक जानवी के पास जाता है और जानवी के पास जाकर बैठ जाता है और कहता है ---अशोक :- बेटा , क्या हो गया ! तुम ऐसे रो क्यों रही हो ? अभी आदित्य का कॉल आया था , ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 75
जानवी आदित्य की बात को पुरा होने से पहले ही बात को बिच मे काट देती है और जानवी पर मजबूर मुस्कान लाते हुए कहा—जानवी :- “मुझे किसी चीज़ की सफाई नहीं चाहिए। तुम्हारी निजी जिंदगी है… तुम्हें जिससे मिलना है मिलो । तुम जो चाहो कर सकते हो।”जानवी से यह सुनकर आदित्य के सीने में दर्द उठा।वह कहना चाहता था—> "जानवी, मुझे सिर्फ तुमसे मतलब है… सिर्फ तुमसे!"लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। अपनी दिल की बात को आदित्य ने दिल मे ही रख लिया ।जानवी की आँखें भर आईं, पर उसने चेहरा मोड़ लिया , ये कृतिका दैख ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 76
जानवी ने अपना चेहरा अपने हाथों में छुपा लिया।कार मे वो अकेली थी लेकिन उसके अंदर अकेलापन समंदर जैसा चुका था।उसकी सिसकियाँ धीमी होने लगीं…लेकिन अंदर का तूफ़ान और तेज़ हो चुका था।कुछ देर बाद—वह उठी, कार के आईने मे अपना चेहरा दैखने लगी , उसकी आँखें लाल थीं, चेहरा सूजा हुआ, और मन… पूरी तरह बिखरा हुआ।जानवी :- “अगर उसे मेरी परवाह होती…तो वो ऐसा कभी न होने देता…”उसने खुद से कहा।और एक आँसू फिर लुढ़क गया। ये सब रमेश दैखकर चोंक गया था और कहता है --रमेश :- ये मोनिका ने जानवी को ऐसा क्या बोल दिया ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 77
रमेश: - “जल्दी!! अंदर ले चलो!!”आदित्य ने हल्के से जानवी को अपनी बाँहों में उठाया, पर उसके उठते ही की कमजोर साँस एक पल को रुक-सी गई।आदित्य डर गया।आदित्य: - “जानवी!!! नहीं— नहीं— देखो मेरी तरफ! आंखें खोलो!!”उसने उसे कार की बैक सीट पर लेटाया और खुद उसके साथ बैठ गया। रमेश ने कार पूरी स्पीड में दौड़ा दी।बारिश की बूंदें कार की खिड़की पर पड़ रही थीं और जानवी का खून सीट पर फैल रहा था , आदित्य ने उसके चेहरे से खून मिटाया,उसके सर को अपनी गोद में रखा।आदित्य (टूटते हुए): - “जानवी… सुन रही हो न? ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 78
रागिनी आदित्य के आंखों मे जानवी के लिए प्यार और चिंता दैखती है , आदित्य ने सवाल तो धिरे पुछा था पर उसके दिल के अंदर एक तुफान चल रहा था । राग रागिनी एक हल्की मुस्कान देती है और कहती है ---रागिनी :- जानवी अब ठिक है , उसे होश आ गया है ।आदित्य :- क्या हम उसे मिल सकते है ?रागिनी :- हां.... पर ज्यादा सवाल नही , बस उसके पास जाना है और दैखकर निकल जाना है ।आदित्य खुश होकर झट दरवाजा खोलता है और रागिनी के पास चला जाती है , पिछे- पिछे अशोक और ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 79
जानवी :- अगर तुम दोबारा मेरे सामने आए तो कसम से मैं अपनी जान दे दूगी , आज के अगर तुम्हारा चेहरा मेरे सामने भी आया तो उसी समय मैं अपनी जान दे दूगी । यही चाहते हो ना तुम ।जानवी सी सांसे तेज हो जाती है और जौर - जौर से सांस लेने करती है , जानवी टुटती हूई आवाज से कहती है ---जानवी ( आवाज निकल नही रही थी ) :- च....ले जाओ......यहां से .....!जानवी ने काँपती आवाज़ में आदित्य की तरफ उंगली उठाई—जानवी :- “प–पास… मत आओ… दूर जाओ…!”उसकी आवाज़ कमज़ोर थी लेकिन गुस्सा उसकी आँखों ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 80
मोनिका वहां से उठती है और बाहर आ जाती है , अब मोनिका के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान , क्योकी मोनिका ने अपना पहला चाल चल दिया था । जानवी के दिल मे आदित्य के लिए नफरत पैदा कर दिया था ।इधर आदित्य अपने घर पर उदास बैठा था , वहां पर रश्मि , कृतिका और रमेश भी चुपचाप बैठा था तभी वहां अशोक आदित्य के पास आता है और उसके पास बैठकर आदित्य के कंधे पर हाथ रखता है अशोक को दैखकर आदित्य अपने जगह से उठ जाता है और कहता है ---आदित्य :- अरे पापा , ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 81
मोनिका :- ये दैखो उसने मुझसे शादी का वादा किया था , फिर मेरे साथ वो सब किया और धोका दिया , फिर उसने तुम्हारी शादी रोकी , ताकी तुम विकास के साथ शादी करके चली ना जाओ , जिससे उसकी प्लानिंग फेल हो जाती और तुम्हारी सारा पैसा उसके हाथो से चला जाता । वो मुझसे कहता के एक बार जानवी की प्रॉपटी मेरी हो जाए उसके बाद वो यो शहर छोड़ देगा । शायद इसिलिए उस दिन जब तुम उसे छोड़ने की बात करी तो उसे लगा के उसके हाथ से सब कुछ चला जाएगा , इसलिए ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 82
मोनिका :- "मैं कह रही हूँ—तुम जानवी से शादी कर लो।"कमरे में जैसे हवा जम गई।विकास :- "पागल हो हो? ( विकास अचानक खड़ा हो गया।) "वो अपनी यादें खो चुकी है, मोनिका! ये शादी नही होगा , वो कभी इसके लिए राजी नही होगी , क्योकी जानवी जानती है के इस समय कोई भी उसके याददाश्त जाने का फायदा उठा सकता है तो वो ऐसा कुछ भी नही करेगी ।मोनिका भी खड़ी हुई, लेकिन उसकी आवाज़ शांत थी।मोनिका :- यही तो तुम्हें करना है , उसे भरोसा दिलाना है के तुम्हारी जिंदगी मे जानवी कितना इंपॉर्टेट है । ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 83
विकास :- छी छी छी ... आदित्य , बेचारा दैखो कैसी शकल हो गयी है बेचारे की । क्या क्या सौच के रखा था और दैखो क्या हो गया । तु जानवी की दौलत को हड़पना चाहता था ना पर बेचारा तोरी ऐसी किस्मत कहा । आज तुम्हारा डिवोर्स और कल मेरी और जानवी की शादी । दैखो मैने कार्ड भी बना लिया है , और डिवोर्स को बाद येसा पहला इनविटेशन तुम्हारे लिए । तु्हें क्या लगता था के तुम ये अच्छा बनने का ढोंग करके जानवी का दिल जीत लोगे और उसकी दौलत पर कब्जा कर लोगे ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 84
आदित्य: - ये झुट है मॉय लॉर्ड । ये लड़की झुट बोल रही है ।जानवी :- तो क्या है ?आदित्य :- ये बच्चा मेरा नही है , किसी विकी का है । जिससे इसकी शादी होने वाली थी ।ये सुनकर जानवी कहती है --जानवी :- और कितना झुट बोलोगे आदित्य ।जज :- आप दोनो सांत हो जाईए । ये हम पता करेगें , कोर्ट ये आदेश देती है के मोनिका के प्रेगनेंसी की जांच की जाए । ताकी इससे पता सके के ये बच्चा किसका है और विकी जो भी है उसे भी अगले हैयरींग मे बुलाया जाए । ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 85
अशोक :- कोई बात नही बेटा । तु समझ गयी पर बेटा आज के जमाने मे तो बेटीयां अपने बाप के खिलाफ जाकर भागकर शादी कर लेती है और विडियो को सोसल मिडिया मे डालकर कहती है के मैं अपने मर्जी से इसके साथ भागी हूँ । अगर इन्हें या इनके परिवार को कुछ भी होता है तो उसमे मेरा मां बाप का गलती होगा । ये सब क्या है , प्यार करो मना नही है , अरे हर मां बाप चाहता है के जिससे उसकी बेटी की शादी हो वो लड़का उसकी बेटी को प्यार करे । सोचो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 86
आदित्य को परेशान दैखकर पूनम आदित्य के पास जाती है , आदित्य अपने मां , पापा और भाई को बहोत खुश हो जाता है और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिये अपनी मां के गले लग जाता है । आदित्य अपने दिल को दर्द को दबाने की कोशिश कर रहा था ताकी जो हलचल उसके अंदर चल रहा है , वो चेहरे पर ना आ जाए ।पर मां और बाप से कौन भला अपना दर्द छुपा पाया है , वैसे ही आदित्य की आंखो मे साफ - साफ दिख रहा था ।पूनम अपने बेटे की चेहरे पर झुटी मुस्कान को ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 87
जानवी :- मैंने तो उसे छोड़ दिया था, पर फिर भी मुझे उसकी इतनी फिक्र क्यों हो रही है बुदबुदाई।जानवी :- “फिर ये खालीपन क्यों है?”तभी अचानक फोन की स्क्रीन जल उठी , जानवी को लगा के आदित्य का मेसेज होगा , जानवी खुशी से फोन की तरफ देखती है पर किसी का मैसेज नहीं था।फिर भी जानवी का दिल एक पल के लिए तेज़ धड़का। उसे खुद पर गुस्सा आया।जानवी :- “मैं क्या उम्मीद कर रही हूँ?उसने फोन पलटकर रख दिया।लेकिन मन…मन अब भी फोन की तरफ देख रहा था।उसे याद आया—कभी वो बीमार होती थी, तो कोई ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 88
विक्की :- तुम इस मुसीबत मे खुद फसी हो ना की मेरे वजह से , मैने तुम्हें पहले ही था के Abortion करा लो पर नही तुम्हें तो इस बच्चे को लेकर शादी करनी है । तुम्हें पैसा भी दिया ताकी तुम उस पैसे से कुछ कर सको ।मोनिका :- वो सब मैं कुछ नही जानती, मैने तुम्हारे लिए सबसे झुट बोला , अब अगर सच सबके सामने आ गया तो मेरा क्या होगा ? सब मुझे गलत नजरो से दैखेगा ।विक्की :- इसके लिए तुम खुद जिम्मेदार हो ।मोनिका :- दैखो , तुम्हें कुछ करना होगा । ताकी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 89
विकास :- मतलब साफ है जानवी , तुम्हारे दिल मे मेरे लिए प्यार है ही नही । मुझे तो है के तुम उस आदित्य से प्यार करती हो ।विकास से इतना सुनकर जानवी अब दुविधा मे थी । जानवी विकास के बात का कोई जवाब नही दे पाता है । और जब से जानवी आदित्य के घर से वापिस आई है तब से जानवी को बहोत अकेला पन सा लगने लगा था ।जानवी के चुप्पी पर विकास फिर से कहता है --विकास :- क्या हूआ .. मैं जानता हूँ के तुम्हारे पास मेरे सवाल का कोई नही है । ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 90
आदित्य पुनम की और दैखता है और एक हल्की मुस्कान देता है और कहता है --आदित्य :- बस यूं बेठा हूँ मां ।कृतिका :- पता है आंटी , ये ऐसा ही करता है जब भी उदास होता है और चुप चाप अकेले बैठा रहता है । अब किसी के जाने से जिंदगी रुक तो नही जाती है ना आंटी । पर इसे कौन समझाये ।रश्मि :- आदी भईया , कृतिका सही बोल रही है , जानवी के कारण आप अपने आपको क्यों तकलीफ दे रहे हो ।आदित्य कहता है --आदित्य :- मुझे इतना बुरा कभी नही लगता अगर जानवी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 91
आदित्य: - मुझे तुझ पर पहले से ही शक था के कभी ना कभी ऐसा ही हरकत जरुर करेगा इसिलिए मेरी नजर हर पल तुझ रही । अब तेरा खेल खत्म हूआ विकास । अच्छा हूआ मैं सही समय पर पहूँच गया । जानवी वो ठीक नहीं है।आदित्य और विकास मे काफी दैर तक हाथा पाई हूआ , इसि बीच जानवी को होश आ जाता है जानवी दैखती है को आदित्य विकास को मार रहा था । जानवी उठने की कोशिश कर रही थी पर उठ नही पा रही थी । जानवी किसी तरह से उठती है तो इसकी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 92
अशोक उन दोनो को दैखकर खुश हो जाता है और भगवान से कहता है --अशोक :- हे भगवान , दोनो का ये प्यार बना रहे , जानवी को उसकी याददाश्त लोटा दो प्रभु ।आदित्य जानवी को लेकर अंदर जाता है और उसे सौफे पर बिठा देता है और कहता है --आदित्य :- तुम यहां पर बैठो , मैं तुम्हारे लिए कुछ बनाकर ले आता हूँ ।आदित्य किचन के अंदर चला जाता है , आदित्य जानता था— ये पल सच नहीं है। ये नशे का असर है। वो ये भी जानता था— सुबह होगी, तो वही जानवी उससे दूरी बनाएगी, ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 93
जानवी आदित्य को अपने साथ रहने के लिए बोल रही थी तब आदित्य सौचता है --" काश ये तुम मे रहकर कहती जानवी , काश ये पल यही रुक जाता , सुबह होता ही नही । पता नही सुबह होते ही क्या होगा । तुम अभी नशे हो इसिलिए मैं यहां रुकुगां तो गलत होगा । मुझे इसे सुलाकर यहाॉ से चले जाना चाहिए । "जानवी :- क्या हूआ...?आदित्य :- कुछ नही , मैं यही हूँ तुम्हारे पास ।आदित्य जानवी के बालो पर हाथ फेरने लगता है , जानवी आदित्य के बाहों मे आ जाती है और वही पर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 94
आदित्य :- पहली बात तो ये , के वो कहां है मुझे ये नही पता और मैने उसे क्यों ये जाकर तुम अपने पापा से पूछो । रही बात पुलिस की तो वो विकास को जरुर ढुडं लेगें ।जानवी :- मुझे किसी से कुछ भी जानने की जरुरत नही है । अगर विकास को कुछ भी हूआ तो मैं तुम्हें नही छोड़ूगीं ।जानवी के रवैया को दैखकर कृतिका अपने गुस्से पर काबु नही रख पायी और कहती है --कृतिका :- जानवी तुम्हें सरम नही आती , तुम हर बार ये विकास और तुम्हारी रोना लेकर हर बार आदित्य के ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 95
काली ने धीरे से कहा।काली :- मेरा क्या है? मैं सज़ा काट लूँगा…फिर नई ज़िंदगी शुरू कर लूँगा।उसने विकास तरफ सीधा देखा—काली :- पर तू…तेरी दुनिया यहीं खत्म होगी।ये सुनकर विकास का गुस्सा फूट पड़ा।विकास :- तूने मुझे बर्बाद कर दिया, काली!वो चिल्लाया।विकास :- तू चाहता तो मुझे रोक सकता था! तू चाहता तो ये सब नहीं होता! जब तुझे पता था तो बोलना था ना काली ।काली :- क्या करता बोलके , बता .. तु क्या कर लेता , तुने मुझे फंसा के खुद बचना चाहा , अरे मैने तेरा हर काम किया , जब भी तुने कहा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 96
आदित्य विकास को थपथपाते हूए कहता है --आदित्य :- Good , अब जाओ । जानवी तुम्हारा इंतजार कर रही ।सभी वहां से चला जाता है , पुलिस भी विकास को छोड़ देता है और वहां से सभी चला जाता है ।इधर जानवी विकास के लिए बहुत परेशान थी , तभी विकास वहां पर आ जाता है , विकास को दैखकर जानवी बहुत खुश हो जाती है , जानवी विकास के पास जाती है और कहती है --जानवी :- विकास ... तुम , तुम आ गए ? कहां चले गए थे तुम ?विकास :- जानवी वो मैं ..तभी वहां पर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 97
जानवी हैरानी से --जानवी: - और वो 50 लाख.... जो तुमने मेरे रिहाई के लिए दिए थे ?विकास :- पैसे मैने तुम्हें छुड़ाने के लिए नही , तुम्हें किडनेप करने के लिए दिया था । मैने तो सौचा था के तुम्हें सारी सच्चाई का पता चल जाएगा । पर उससे पहले ही तुमने आदित्य के उपर सारा दोष डाल दिया और मुझे बचा लिया । जानवी तुमने हर बार आदित्य को गलत समझा , ये मैने नही किया , और ना ही ये सब तुम्हें सोचने पर मजबुर किया । पर तुमने हर बार उसे ही गलत समझा ।विकास ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 98
मोनिका अब एकदम चुप थी , मोनिका को मन ही मन अब भी आदित्य पर ही गुस्सा आ रहा , मोनिका मन ही मन सौचती है --" ये सब उस दौ टके की आदित्य के वजह से हो रहा है उसकी इतनी औकात के वो मुझे ना बोले , जो मेरे पिछे पागलो की तरह पड़ा रहता था , मुझसे प्यार की भीख मांगता था , आज वो ... आज वो मुझो ना बोल रहा है । मैं उसे ऐसा सबक सिखाऊगी के वो जिंदगी भर याद रखेगा । मुझे ना बोलने की किमत उसे चुकानी पड़ेगी । वो ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 99
जानवी को जब ये सब पता लगा तो जानवी कार को किनारे पर रोककर रोने लगती है और कहती ---जानवी :- मैने ये सब क्या कर दिया , जिसके सामने मेरी कोई हैसियत नही , कोई औकात नही मैने उसे ही लालची समझा , जिसने मेरी कंपनी को हर बार बचाया , मैने उसे ही कंपनी का लुटेरा समझा । आज मुझे एहसास हो रहा है के मैं कितनी बदनसीब हूँ , जिसने एक हिरा को खो दिया । आदित्य आज तक मेरे प्यार के लिए कितना कुछ सकता रहा , पर अब मैं उसे जरा सा भी दुख ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 100
जानवी :- अगर आदित्य बेगुनाह है तो मैं उसे इस दलदल से बाहर निकाल कर रहूँगी । मैं सच पता लगा कर रहूगीं ।तभी वहां पर विकास आ जाता है और कहता है --विकास :- मुझे पता है मोनिका के पेट मे किसका बच्चा है ।विकास को वहां पर दैखकर जानवी हैरान थी और अशोक गुस्सा । तभी विकास कहता है --विकास :- अंकल मुझे पता है के आप मुझे यहां पर दैखकर खुश नही हो । पर अंकल ... मैं यहां पर सिर्फ जानवी की मदद कहने ते लिए आया हूँ । ताकी मैने जो कुछ भी गलत ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 101
मोनिका :- एक रात .... Seriously ? ठिक है मैं ये पैसे वकीलको दोना चाहती थी , ताकी डि ए रिपोर्ट बदल सके । अगर तुम्हें नही देनी है तो मत दो । आगे जो कुछ भी होगा फिर मुझे मत बोलना ।मोनिका की बात को सुनकर विकी गुस्सा हो जाता और कहता है --विकी :- तो तुम अब मुझे ब्लेकमैल करोगी ?मोनिका :- इतना तुम्हों भी करना चाहिए । आखिर तुम्हारे बच्चे की भविष्य का सवाल है ।विकी :- मोनिका .....विकी अपने गुस्से को कंट्रोल करते हूए कहता है --विकी :- ठिक है पर ये आखिरी बार होगा ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 102
वो उठती है अपने आँसू पोंछती है उसकी आँखों में अब पछतावा ही नहीं…दृढ़ता भी है --जानवी: - नहीं… बार मैं चुप नहीं रहूँगी। इस बार मैं तुम्हें ढूँढूँगी आदित्य। तुम जहाँ भी हो… तुम्हें बता कर रहूँगी… कि मैं गलत थी।कि तुम सही थे। कि… मैं तुमसे प्यार करती हूँ। आदित्य बहुत प्यार । तुम ... तुम चितां मत करो , उस मोनिका के वजह से तुम परेशान हो ना .. मैं उस मोनिका को भी दैख लूंगी और सच का पता लगा कर ही रहूँगी ।जानवी: - तुम्हें खोने के बाद समझ आया…कि तुम मेरे लिए क्या ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 103
जानवी की बात को सुनकर शमिका कहती है --शमिका: - हां जानवी ... क्यों नही , तुम दोनो एक जाओ इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है , मैं उसका पता जरुर लगाउगी । मैं उसके घर जाउगीं और विद्युत अंकल से उसके बारे मे पुछुगीं । तुम चिंता मत करो , तुम मुझे अपना नम्बर दे दो ।जानवी शमिका को अपना नम्बर दे देती है और कहती है --जानवी :- तुम मुझे पक्का आदित्य का पता करके दोगी ना ?शमिका :- हां ... बिल्कुल ।जानवी :- मुझे ऊी तुम्हारी नम्बर दे दो ।शमिका जानवी को अपना नम्बर ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 104
इस बार शमिका तुरंत भरोसा नहीं करती क्योंकी उसने सुबह विकी के फोन पर वो रिपोर्ट बदलने वाली मेसेज थी । वह शांत लेकिन ठंडी आवाज़ में कहती है —जानवी :- अगर ये झूठ है… तो साबित करो।विकी समझ जाता है कि अब मामला उसके हाथ से निकल रहा है।कुछ समय बाद मोनिका का घर शाम का समय था। मोनिका के घर के दरवाजे की घंटी बजती है। मोनिका दरवाजा खोलती है… और सामने जानवी और शमिका को देखकर एक पल के लिए चौंक जाती है।मोनिका (हैरानी से): - तुम लोग… यहाँ?शमिका का चेहरा गंभीर था। शमिका सिधे मोनिका ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 105
शमिका मोनिका के कंधे पर हाथ रखकर कहती है --शमिका :- मोनिका .. विकी ने तुम्हें और मुझे , दोनो को धोका दिया है , और ना जाने कितनो को दिया होगा । और तुम उस धोकबाज को बचाना चाहती हो ?मोनिका आँसू पोंछती है… और दृढ़ आवाज़ में कहती है —मोनिका: - ठीक है…मैं कोर्ट में सच बोलूँगी।शमिका और जानवी दोनों उसे देखते हैं।मोनिका: - “मैं जज के सामने सब बता दूँगी…कि इस बच्चे का असली बाप विकी है…और आदित्य पूरी तरह बेगुनाह है।अब पहली बार मोनिका के चेहरे पर पछतावे के साथ सच्चाई का साहस दिखाई दे ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 106
उसकी आँखें नम हो जाती हैं और फिर आदित्य अपने आंखे चुराते हूए कहता है --आदित्य (धीरे): - बस… ही अफसोस रहेगा…रागिनी उसकी तरफ देखती है।रागिनी: - क्या?आदित्य खिड़की के बाहर देखते हुए कहता है —आदित्य: - वो कभी ये नहीं जान पाई…कि इस दुनिया में अगर कोई उसे सबसे ज्यादा प्यार करता है…तो वो मैं हूँ।ये सुनकर रागिनी का दिल भी भर आता है। वह धीरे से आदित्य के कंधे पर हाथ रखती है और आदित्य की और दैखकर कहती है --रागिनी: - कभी-कभी सच सामने आने में देर लगती है आदित्य…पर जब आता है… तो सब बदल ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 107
उसकी आँखों से आँसू लगातार बहने लगते हैं। उधर आदित्य भी जानवी को देखकर कुछ पल के लिए खो है। उसके मन में भी हजारों बातें चल रही थीं , पर वह कुछ कह नहीं पाता। दोनों बस दूर खड़े एक-दूसरे को देखते रहते हैं। आज भी उनके दिल एक-दूसरे के लिए धड़क रहे थे…पर उनके बीच गलतफहमियों की दीवार खड़ी थी।जानवी को दैखकर आदित्य के कदम रुक जाते है और दौनो ही एक दुसरे को दैखने लगता है इतने दिनों के बाद भी…उन नजरों में आज भी वही प्यार और दर्द था। लेकिन आज सिर्फ उनका रिश्ता ही ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 108
अनय :- अरे शमिका ये तुमसे झुट बोला है , ये मेरे कंपनी का मामुली सा एम्पलाई है , कबसे कंपनी का मलिक हो गया ।अनय से इतना सुनकर शमिका का गुस्सा सातवे आसमान पर था , भागकर विकी के पास जाती है और उसे एक जोरदार तमाचा मारती है ।पूरा माहौल एक पल के लिए शांत हो जाता है। उसी समय आदित्य भी आगे आता है और विकी से कहता है —आदित्य (कड़क आवाज़ में): - अब तुझे तेरे किए की सज़ा मैं दिलाऊँगा विकी। दूसरों की जिंदगी से खेलने का बहुत शौक है ना तुझे? अब तेरी ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 109
अशोक उसे कहना तो बहुत कुछ चाहता था , अशोक अपनी बेटी की हालत कहना चाहता था पर आदित्य और कुछ सुनने को तैयार नही था और वो वहां से चला जाता है ।अशोक घर जाकर जानवी के पास चुपचाप खड़ा था , जानवी अशोक की चुप्पी से समझ चुका था के आदित्य अब वापस नही आएगा । जानवी अंदर से एकदम टुट गई । अब वो आदित्य को हमेशा के लिए खो चुकी थी । जानवी को अब वो सारी बातें याद आने लगी थी जो उसने आदित्य के साथ बिताए थे ।उन दोनो के बिताए पल , ...Read More
तेरे मेरे दरमियान - 110
जानवी (आँखों में आँसू): - तो तुमने… सच में कभी मुझे छोड़ा ही नहीं आदित्य… सब मेरी गलती है मैने तुम्हें कभी समझी ही नही ।उसका दिल अब और बेचैन हो जाता है।जानवी: - मैंने… दो साल ऐसे ही गँवा दिए…बस एक गलतफहमी में…”वो अचानक खड़ी हो जाती है।उसकी आँखों में अब फिर वही जिद… वही प्यार था।जानवी (दृढ़ आवाज़ में): - अब और नहीं… मैं अभी रागिनी से पुछती हूँ , उसमे आदित्य जरुर आएगा ।वो तुरंत फोन उठाती है…रागिनी को कॉल करती है।रागिनी (फोन पर, खुश आवाज़ में): - हैलो जानवी… कैसी हो?”जानवी (सीधे): - तुमने… शादी ...Read More