षड्यंत्र

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" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे, उनके लिए फिश करी और कुछ लोग फिश भी नहीं खाते थे तो उनके लिए अंडा करी भी थी। इंस्पेक्टर: "अच्छा, यह भी बता दो मिस...?" "जी, बीना है मेरा नाम।" इंस्पेक्टर दीक्षित ने कहा, "ठीक है, मिस बीना, आपकी पार्टी में नशे के लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई थी? ज़रा वह भी बताइए ... क्या-क्या परोसा गया था?" बीना ने सकुचाते हुए कहा, "जी बस, शराब ही थी, उसके अलावा और कुछ भी नहीं..." "आप झूठ कह रही हैं। आपकी पार्टी में शराब के अलावा ड्रग्स का इंतज़ाम भी था। वे लड़के जिन्हें हमने पकड़ रखा है, उनके खून में ड्रग्स मिली है। इसलिए, आप सच ही कहें तो आपके लिए अच्छा होगा।"

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षड्यंत्र - भाग 1

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे, उनके लिए फिश करी और कुछ लोग फिश भी नहीं खाते थे तो उनके लिए अंडा करी भी थी। इंस्पेक्टर: "अच्छा, यह भी बता दो मिस...?" "जी, बीना है मेरा नाम।" इंस्पेक्टर दीक्षित ने कहा, "ठीक है, मिस बीना, आपकी पार्टी में नशे के लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई थी? ज़रा वह भी बताइए ... क्या-क्या परोसा गया था?" बीना ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 2

अभी तक आपने पढ़ा कि बीना की पार्टी में शराब और ड्रग्स का इंतज़ाम था। रितु नामक लड़की से के बाद उसका बलात्कार हुआ और सी.सी.टी.वी. फुटेज व गवाहों के आधार पर इंस्पेक्टर दीक्षित बीना से सख़्त पूछताछ कर रही हैं। बीना लगातार आरोपों से इंकार करती है, लेकिन सबूत उसके खिलाफ़ हैं। अब इसके आगे पढ़ें- इंस्पेक्टर के मुँह से सी.सी.टी.वी. की बात सुनकर बीना के होश उड़ चुके थे। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वह क्या कहे। इस तरह उसे चुप देखकर हवलदार ने बीना से कहा, "देखो, समय के महत्त्व को समझो और ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 3

अभी तक आपने पढ़ा कि बीना ने कबूल किया कि वह पंकज से प्यार करती थी, लेकिन रितु के उसका रिश्ता बिगड़ गया। ईर्ष्या और दुश्मनी में उसने रितु को हटाने के लिए सामूहिक बलात्कार जैसी घिनौनी योजना बनाई, ताकि पंकज कभी उससे शादी न करे और उसका रास्ता साफ़ हो जाए। अब इसके आगे पढ़ें- बीना ने अपने जीवन की सच्चाई बताने के बाद ख़ुद को निर्दोष बताते हुए कहा, "इंस्पेक्टर मैडम आप लोग अपना समय क्यों बर्बाद कर रहे हैं? आप लोग मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते, क्योंकि बलात्कार मैंने थोड़ी किया है? आप उन बलात्कारियों ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 4

अभी तक आपने पढ़ा कि बीना ने ख़ुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की, लेकिन इंस्पेक्टर दीक्षित ने षड्यंत्र में शामिल मानकर गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच अस्पताल से ख़बर आई कि रितु होश में आकर बार-बार बीना से मदद की गुहार लगा रही थी, जिससे बीना की साज़िश और भी उजागर हो गई। अब इसके आगे पढ़ें- इंस्पेक्टर दीक्षित चाह रही थी कि किसी भी तरह से रितु के घर वालों का पता चल जाए। उनके बार-बार पूछने पर भी रितु अपने घर वालों का पता बताने के लिए किसी भी हालत में तैयार नहीं हो रही ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 5

अभी तक आपने पढ़ा कि इंस्पेक्टर दीक्षित ने रितु के घर वालों का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन ने बताने से इंकार कर दिया। बीना के फ़ोन से पंकज और रितु के परिवार का नंबर मिलने पर दीक्षित ने दोनों को सूचना दी। पंकज रितु से गहरा प्यार करता था और यह ख़बर सुनकर तुरंत शहर लौट पड़ा, जबकि रितु के भाई किशन और माँ-पिता यह सुनकर सदमे में आ गए। अब इसके आगे पढ़ें- अपने बेटे किशन के मुँह से ये शब्द सुनकर कि सब कुछ ख़त्म हो गया है, तब रमन ने अपनी पत्नी के धड़कते ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 6

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु के बलात्कार की ख़बर सुनकर उसका भाई किशन और माता-पिता गहरे सदमे में गए। पिता रमन को दिल का दौरा पड़ा, पर होश आने पर भी वे बेटी के पास जाने की ज़िद पर अड़े रहे। परिवार दर्द, निराशा और समाज के डर से टूट चुका था, जबकि किशन के मन में बदले की आग और माता-पिता के मन में बेटी के भविष्य की चिंता थी। अब इसके आगे पढ़ें- उधर अस्पताल में रितु को अब तक पूरी तरह से होश आ चुका था पर वह उसकी आँखों को किसी भी सूरत में ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 7

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु होश में आने के बाद शर्म और पीड़ा से टूटकर अपने भाई किशन माँ से लिपटकर रोने लगी। परिवार उसे संभालने की कोशिश करता है, पर उसकी बेबसी और दर्द सबको तोड़ देता है। किशन बदले की आग में जल रहा है, जबकि इंस्पेक्टर दीक्षित बताती हैं कि असली षड्यंत्रकारी रितु की मालकिन बीना है, जिससे अब किशन का गुस्सा और बढ़ जाता है। अब इसके आगे पढ़ें- इंस्पेक्टर दीक्षित से बात करने के तुरंत बाद पंकज भी गाँव से निकल चुका था। गाँव दूर होने के कारण उसे आने में काफ़ी वक़्त ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 8

अभी तक आपने पढ़ा कि गाँव से लौटकर पंकज को बीना की साज़िश और रितु पर हुए अत्याचार की पता चली। गुस्से में उसने थाने जाकर बीना का सामना किया और उससे नफ़रत जताई। इसके बाद वह सीधे अस्पताल पहुँचा, जहाँ रितु अपने परिवार के साथ दर्द में थी, और पंकज ने उसके लिए अपना सच्चा प्यार और साथ जताया। अब इसके आगे पढ़ें- इसके बाद धीरे-धीरे पंकज के प्यार का जादू रितु पर चढ़ने लगा क्योंकि वह सच में रितु से बेइंतहा प्यार करने लगा था, जिसे रितु भी महसूस कर रही थी। अब तो पंकज को देखते ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 9

अभी तक आपने पढ़ा कि धीरे-धीरे पंकज और रितु के बीच प्यार गहराने लगा, जिसे बीना ने ईर्ष्या और की नज़र से देखना शुरू कर दिया। पंकज और रितु एक-दूसरे के करीब आते गए, जबकि बीना की ज़िद और जलन ने उसके भीतर शैतान को जन्म दे दिया। अस्पताल में पंकज ने रितु के परिवार को हिम्मत दी कि वे उसे फिर से जीने की चाह दिलाएँ और सामान्य जीवन देने की कोशिश करें। अब इसके आगे पढ़ें- किशन के मुँह से लेकिन शब्द सुनते ही पंकज ने कहा, "लेकिन क्या, किशन? रितु मेरी थी, है और हमेशा रहेगी। ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 10

अभी तक आपने पढ़ा कि पंकज ने रितु को दिलासा देते हुए कहा कि वह हमेशा उसका साथ देगा उसे इस दर्द से बाहर निकालेगा। रितु अभी भी टूट चुकी थी और पंकज को स्वीकार नहीं कर पा रही थी, लेकिन उसका परिवार पंकज की मौजूदगी को सहारा मान रहा था। डॉक्टर ने चेतावनी दी कि रितु की मानसिक स्थिति नाज़ुक है और परिवार को उसे आत्महत्या से बचाने के लिए हर पल ध्यान रखना होगा, साथ ही पंकज का साथ उसके लिए बहुत सहायक साबित हो सकता है। अब इसके आगे पढ़ें- डॉक्टर से बात करने के बाद ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 11

अभी तक आपने पढ़ा कि डॉक्टर की सलाह पर किशन और रमन ने शहर में ही रितु के लिए का कमरा लेने का निर्णय किया। पिता के शब्द सुनकर रितु टूट गई और आत्महत्या की कोशिश करने लगी, लेकिन किशन ने उसे संभाल लिया और हिम्मत दी। बाहर पंकज ने भी परिवार को सहारा दिया, जबकि रितु अब भी उससे नज़रें मिलाने से बच रही थी, और उसका दर्द बारिश की बूंदों की तरह ज़मीन पर छलक रहा था। अब इसके आगे पढ़ें- एक हफ़्ते तक रितु और उसका परिवार पंकज के कमरे में ही रहा। पंकज वहाँ आता-जाता ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 12

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु और उसका परिवार पंकज के सहारे एक हफ़्ते तक शहर में रहा और ने उन्हें घर जाने की अनुमति दी। रमन और किशन दर्द और पछतावे में डूबे थे, जबकि किशन बदले की आग में जल रहा था। पंकज ने उन्हें समझाया कि क़ानून ही अपराधियों को सज़ा देगा, ताकि रितु को और सदमा न पहुँचे। अब इसके आगे पढ़ें- रितु का पूरा परिवार भावनात्मक तौर पर पंकज से जुड़ गया था। यह विदाई का समय था, जाने से पहले रमन और बसंती पंकज के पास गए। वे दोनों उसका शुक्रिया अदा करना ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 13

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु का परिवार भावनात्मक रूप से पंकज से जुड़ गया और विदाई के समय उसका आभार व्यक्त किया। रितु भी पंकज के सच्चे प्यार को महसूस कर रोते हुए उससे लिपट गई, जिससे परिवार भावुक हो उठा। गाँव लौटने पर उनका दोस्त राहुल भी बिना कुछ जताए सामान्य व्यवहार करता रहा, जबकि बसंती ने रितु को संभालते हुए उसे जीने की हिम्मत दी। अब इसके आगे पढ़ें- एक माँ के लिए यह बड़ी कठिन परीक्षा की घड़ी थी। बेटी कहीं कुछ कर ना ले यह डर बसंती के दिलो दिमाग में इस कदर घर ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 14

अभी तक आपने पढ़ा कि बसंती लगातार रितु की देखभाल करती रही, क्योंकि उसे डर था कि बेटी कहीं गलत कदम न उठा ले। वहीं किशन नफ़रत और बदले की आग में डूबा गुमसुम रहने लगा। एक रात उसने अपने दोस्तों को बुलाकर बीना से बदला लेने की योजना बनाई, ताकि उसे उसके किए की सज़ा मिल सके। अब इसके आगे पढ़ें- किशन अपने दोस्तों के साथ ऊपर गया है, यह बात घर में कोई नहीं जानता था। लेकिन किशन जिस समय रितु के कमरे में आया था, वह बंद आंखों से जाग रही थी। उसने देख लिया था ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 15

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु ने किशन और उसके दोस्तों की बातचीत सुन ली और गुस्से में आकर को तमाचे मारते हुए समझाया कि बदला लेने के लिए वही घिनौना काम करना पापियों जैसा होगा। उसने उसे याद दिलाया कि हर स्त्री किसी की बहन-बेटी होती है और किसी और परिवार को बर्बादी में धकेलना गलत है। रितु ने अपने भाई और उसके दोस्तों को रोकते हुए इंसानियत और संस्कारों की राह दिखा दी। अब इसके आगे पढ़ें- रितु को इतना परेशान देखकर राहुल ने एक बार फिर कहा, "अरे जीजी, प्लीज़, मुझे बोलने तो दीजिए।" "हाँ, बोल ...Read More

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षड्यंत्र - भाग 16

अभी तक आपने पढ़ा कि रितु ने किशन और उसके दोस्तों को बदले की राह पर जाने से रोक और समझाया कि बीना को उसके कर्म ही सबसे बड़ी सज़ा देंगे। उसने बताया कि पंकज का प्यार कभी बीना को नहीं मिलेगा और यही उसकी असली हार है। रात का यह भावुक दृश्य पूरे परिवार ने देखा, और अगले दिन पंकज ने किशन से रितु से शादी करने की इच्छा जताई। अब इसके आगे पढ़ें- इस समय हालात इतने ग़मगीन थे कि दुःख और दर्द हर पल परिवार के साथ जुड़े ही रहते थे। रितु के लिए पंकज के ...Read More