धड़ाम! जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extinguisher) कबीर के सिर पर आ लगा, जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। दुनिया में जैसे अंधेरा छा गया और उसकी आँखों के सामने तारे नाचने लगे। कबीर एक गरीब परिवार में पैदा हुआ था, और नौकरी की तलाश में उसने अपना कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया था। हाल ही में एक जान-पहचान वाले की सिफारिश पर, वह स्थानीय पुलिस विभाग में शामिल हुआ था और पेट्रोलिंग स्क्वाड के लिए एक आईटी तकनीशियन (Technician) के रूप में काम करने लगा था। उसे पुलिस के साथ काम करते हुए कुछ ही महीने हुए थे, और अब वह सीधे एक बैंक डकैती के बीच फंस गया था! इससे पहले कि वह समझ पाता कि क्या हो रहा है, उस सिलेंडर ने उसके होश उड़ा दिए।जैसे ही उसे लगा कि उसकी जान जाने वाली है, कबीर के दिमाग में एक रहस्यमयी आवाज़ गूंजी।
God Wishar - 1
धड़ाम!जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extinguisher) कबीर के सिर पर लगा, जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। दुनिया में जैसे अंधेरा छा गया और उसकी आँखों के सामने तारे नाचने लगे।कबीर एक गरीब परिवार में पैदा हुआ था, और नौकरी की तलाश में उसने अपना कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया था। हाल ही में एक जान-पहचान वाले की सिफारिश पर, वह स्थानीय पुलिस विभाग में शामिल हुआ था और पेट्रोलिंग स्क्वाड के लिए एक आईटी तकनीशियन (Technician) के रूप में काम करने लगा था।उसे पुलिस के साथ काम करते ...Read More
God Wishar - 2
विक्रम और टीना, कबीर के इस बदले हुए अंदाज़ को देखकर दंग रह गए। उनकी यादों में कबीर हमेशा और शांत रहने वाला लड़का था, जो खासकर विक्रम के सामने आते ही सहम जाता था। आखिर स्कूल में बड़े-बड़े पहलवान भी सिंघानिया खानदान के वारिस से पंगा लेने की हिम्मत नहीं करते थे।लेकिन अब, कबीर बिल्कुल अलग इंसान लग रहा था। उसकी आवाज़ में बेरुखी थी और उसकी आँखों में एक रहस्यमयी शांति।विक्रम ने कबीर की आँखों में अपने लिए तिरस्कार देखा, तो उसका खून खौल उठा। वह उपहास उड़ाते हुए बोला, "छह महीने बाद देख रहा हूँ तुझे, ...Read More
God Wishar - 3
यहाँ इस कहानी का अगला भाग भारतीय परिवेश के अनुसार दिया गया है:---कबीर ने अपनी कनपटी खुजलाई और हल्की के साथ बोला, "अरे मैडम, कोई बड़ी बात नहीं है। जब पुराने दोस्त मिलते हैं, तो थोड़ा 'हाल-चाल' तो पूछना पड़ता है ना?""हाल-चाल?" पूजा धीरे से मुस्कुराई, जैसे उसे आगे कुछ पूछने की ज़रूरत ही न हो। उसने कबीर को देखा और कहा, "उस दिन बैंक में तुम्हारी बहादुरी के बाद मैंने तुम्हारे बारे में थोड़ी छानबीन की थी। मुझे टीना और विक्रम के साथ तुम्हारे पुराने रिश्तों के बारे में पता है। और अब तुमने उसकी नाक तोड़ दी ...Read More
God Wishar - 4
इतना कहकर वह तेज़ी से भाग गई। कबीर उसे जाते हुए देखता रहा और मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। उसे ज़रूरी काम थे, पर वह अव्या को सीधे 'दफा हो जाओ' नहीं कहना चाहता था, इसलिए उसने जानबूझकर उसे तंग किया ताकि उसे भागने का मौका मिल जाए।लेकिन जैसे ही वह मुड़ने वाला था, अव्या वापस दौड़ती हुई आई। उसने अपना फोन आगे किया और हांफते हुए बोली, "अपना व्हाट्सऐप नंबर दो!"कबीर मुस्कुराया और अपनी जेब में हाथ डाला। उसका फोन बहुत पुराना मॉडल था, जिसे सालों पहले बदल देना चाहिए था। पर उसके पास नए फोन जैसी विलासिता के ...Read More
God Wishar - 5
घर पर कबीर के माता-पिता के अलावा उसकी दो बुआ, मीना और सुमन भी आई हुई थीं। सुमन बुआ दोनों बेटों यानी कबीर के फुफेरे भाइयों (जतिन और तरुण) को भी साथ लाई थीं। कबीर ने अंदर जाकर सभी के पैर छुए और नमस्ते किया।खाना पहले ही परोसा जा चुका था, और ऐसा लग रहा था जैसे सभी सिर्फ उसी का इंतज़ार कर रहे थे। कबीर भाँप गया कि दाल में कुछ काला है। उसने अपने माता-पिता के चेहरों पर छाई चिंता और बुआ की अजीब सी नज़रों को देखा, तो वह सोचने लगा कि आखिर माजरा क्या है।वहां ...Read More
God Wishar - 6
"अरे वाह!" मेयर साहब ने उत्सुकता से कहा, "कबीर, मुझे नहीं पता था कि तुम्हारे अंदर इतने सारे हुनर हैं। लगता है आज हमारी किस्मत अच्छी है।"यहाँ तक कि शिवानी ने भी आँखों में थोड़ी उत्सुकता लिए उसकी ओर देखा।कबीर ने हल्की सी भौहें सिकोड़ीं। उसे खाना बनाना नहीं आता था। साफ़ था कि सुमन बुआ उसके बड़े अधिकारियों के सामने उसकी बेइज्जती कराने की कोशिश कर रही थीं!लेकिन मेयर साहब पहले ही बोल चुके थे, और वे वाकई इस बात से उत्साहित लग रहे थे कि कबीर उनके लिए खाना बनाएगा। अब कबीर के पास कोई विकल्प नहीं ...Read More