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શ્રાપિત ખજાનો - 25
by Chavda Ajay

ચેપ્ટર - 25          વિક્રમને પોતાની આંખો પર વિશ્વાસ ન આવ્યો. એણે ફરી એકવાર આંખો ચોળીને જોયું. ના, આ કોઇ સપનું ન હતું. એ જે જોઇ ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 38
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 38 कोई निकासी नहीं - चट्टानों के विध्वंस। जब से हमारे अद्भुत यात्रा की शुरुआत हुई, मैंने कई आश्चर्य को अनुभव किया, कई भ्रमों से सामना हुआ। मुझे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 37
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 37 रहस्यमयी खंजर। इस दौरान, हमने अपने पीछे उज्ज्वल और पारदर्शी जंगल छोड़ दिया था। हम विस्मय होने की वजह से मूक थे, एक तरह की उदासीनता जो ...

A unique solution (last part)
by किशनलाल शर्मा

A woman was already present at that place Sandeep said after seeing her,"Have come to commit suicide?Not knowing suicide is a sin.""Ooohooo you are giving me advice,"listening to Sandeep ...

मन के मत पर मत चलियो रे....
by Shiv Divyansh Pathak

"मेरे जिस्म को गर्म करती यह रजाई,बईमानी लग रही थी,हार रही हूँ खुद से,मेरा प्यार क्या है मैं उससे कुछ करती भी हूँ की नहीं,बेबस हो गयीं हूँ।जनवरी के ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 36
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 36क्या है यह? एक लंबे और बोझिल समय तक हम हड्डियों के इस विशाल संग्रह में फँस गए थे। इन सब की परवाह किए बग़ैर हम उत्सुक और ...

શ્રાપિત ખજાનો - 24
by Chavda Ajay

ચેપ્ટર - 24          લગભગ એક કલાકથી ધનંજય અને એની ટોળકી ચાલી રહ્યા હતા. એમની ડાબી તરફ થોડે દૂર નદી વહી રહી હતી જ્યારે જમણી બાજુ ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 35
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 35 खोज पर खोज। मेरे मौसाजी के विस्मित होने की वजह को पूरी तरह से समझने के लिए, और इन शानदार और विद्वान पुरुषों के संकेत के लिए, ...

तड़पता दिल (भाग 3) (अंतिम भाग)
by किशनलाल शर्मा

नज़मा जब केवल चार साल की थी।तभी उसके अब्बा रमजान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।उसकी माँ सुल्ताना जवान थी।उसके सामने अभी पूरा जीवसं पड़ा था।सुल्ताना के ...

वाचा कट मानव
by बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

कहानी                         वाचा कट मानव                                        वेदराम प्रजापति मनमस्त सुबह की सैर कर, जब मैं वापिस आ रहा था तो पप्पू सेठ जी के दरवाजे पर भीड़ लगी दिखी। ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 34
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 34एक खोज की यात्रा। मेरे लिए पूरी तरह से असंभव है कि मैं इस असाधारण खोज पर प्रोफ़ेसर की हालत को सही तरीके से बता पाऊं। विस्मय, अविश्वास, ...

प्रायश्चित - भाग-6
by Saroj Prajapati

शाम को जब दिनेश वापस आया तो वह परेशान था। शिवानी समझ गई थी कि वह मेड ना मिलने के कारण परेशान है। "आप मेड ना मिलने के कारण ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 33
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 33हमारे मार्ग उलट गए। यहाँ मैं अपनी यात्रा से जुड़ी "मेरी पत्रिका" को विराम देता हूँ जिसे मैंने विनाश के बाद भी बचा लिया था। मैं अपनी कथा ...

तड़पता दिल (पार्ट - 2)
by किशनलाल शर्मा

वे दोनों साथ खाते पीते।समय गुज़रने के साथ उनके सम्बन्ध प्रगाढ होने लगे।राजन,नज़मा को चाहने लगा।प्यार करने लगा।एक दिन वे पार्क के एकांत कोने मे बैठे बाटे कर रहे ...

શ્રાપિત ખજાનો - 23
by Chavda Ajay

ચેપ્ટર - 23          "શું હું મરી ગઇ છું?"           "નહીં."          "તો શું તું એક આત્મા છે?"       ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 32
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 32तत्वों की लड़ाई। शुक्रवार, 21 अगस्त। आज सुबह शानदार फव्वारा पूरी तरह से गायब हो गया था। हवा तारोताजा थी और हम तेजी से हेनरी द्वीप के पड़ोसियों ...

तहखाने का राज़
by Neerja Pandey

बचपन में तहखाने कि कई कहानियां सुनी थी। साथ ही उनसे जुड़े रहस्य के बारे में भी। किसी तहखाने का कोई रहस्य तो किसी का कोई। मन में इसे ...

કોફી કથા
by શિતલ માલાણી

"આજ સાંજે કોફી શોપમાં મળું પછી, વાત કરું !"   આ એમના છેલ્લા શબ્દો હતા. આ એમની યાદમાં હું છેલ્લા દસ વર્ષથી રાહ જોતો હતો પણ....  આ શબ્દો એક ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 31
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 31 समुद्री राक्षस बुधवार, 19 अगस्त। सौभाग्य से हवा, जो वर्तमान में कुछ हिंसात्मक तरीके से बह रही थी, ने हमें अद्वितीय और असाधारण संघर्ष के दृश्य से ...

तड़पता दिल (पार्ट - 1)
by किशनलाल शर्मा

देवदास और डरदोनो ही फिल्मों मेंं प्यार के     अलग अलग रूप देखने को मिलते है।इतिहास उठाकर  देखे तो हमे प्यार के अलग अलग रूप ही देखने को मिलेंंगे।देेेवदास ...

प्रायश्चित - भाग -5
by Saroj Prajapati

उस दिन के बाद दिनेश उसका और ज्यादा ध्यान रखने लगा था। ऑफिस जाने के बाद दिन में कई बार ,उसे फोन करके हालचाल पूछता। कई बार तो वह ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 30
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 30 सरीसृप से प्रचण्ड द्वंद। शनिवार, 15 अगस्त। समुद्र अभी भी अपनी उस मनहूसियत की एकरसता को बरकरार रखे हुए था। वही धूसर रंजीत रूप में जिसपर वही ...

છેલ્લી નજર
by Falguni Shah

જગન છેલ્લા કેટલાય દિવસોથી અકળાયેલો ફરતો .નાસીપાસ લાગતો ને હતાશામાં ઘેરાયેલો લાગતો હતો. કોઈ ને ના કહેવાય કે ના સહેવાય એવી દુવિધામાં એણે લગભગ એક મહિનો પસાર કર્યો. આખીયે દુનિયામાં ...

શ્રાપિત ખજાનો - 22
by Chavda Ajay

ચેપ્ટર - 22          "આજે અચાનક વાતાવરણ કેમ ખરાબ થઇ ગયું?" રેશ્માએ કહ્યું.          જંગલમાં આજે એમની ત્રીજી સવાર હતી. પણ આજની સવાર ...

A unique solution - 1
by किशनलाल शर्मा

Ila was the most beautiful girl in the city.Along with winning the beauty queen award in college.She also won the title of the most beautiful woman in the city ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 29
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 29 पानी पर - बेड़े की नाव। अगस्त के तेरहवें दिन हम यथासमय उठ गए थे। समय बिल्कुल नहीं गंवाना था। अब हमें एक नए प्रकार की सवारी ...

HR The Untold strory - 1
by Harshal Chandratre HR

कहानी H से HR बनने की,जिंदगी, क्या हैं जिंदगी अपनो का मिलना और बिछड़ना । उसी पे आधारित ये किताब हैं ये कहानी हैं कुछ अधूरी बातों की कुछ ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 28
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 28 बेड़े की तैयारी। अगले दिन की सुबह में अपने आश्चर्य के साथ जब मैं उठा तो पूरी तरह से स्वस्थ था। मैंने सोचा कि मेरी लंबी बीमारी ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 27
by Abhilekh Dwivedi

चैप्टर 27 मध्य सागर। पहले तो मुझ कुछ भी नहीं दिखा। अचानक से दीप्तिमान प्रकाश को देखकर मेरी आँखें चौंधिया गयीं थीं, इसलिए पहले मुझे अपनी आँखें बंद करनी ...

प्रायश्चित - भाग-4
by Saroj Prajapati

काफी देर से रिया के रोने की आवाज सुन किरण परेशान हो गई। पहले तो उसने सोचा, शायद किसी बात पर जिद कर  रो रही होगी। फिर उसने सोचा ...

શ્રાપિત ખજાનો - 21
by Chavda Ajay

ચેપ્ટર - 21          "સર આપણા એક માણસની હાલત ખૂબ જ  ગંભીર છે.."           "ગંભીર છે મતલબ!! શું થયું છે એને?" રાજીવે આશ્ચર્યભર ...

कर्मा - 8 - (फाइनल) - जो दिया है वही वापस आएगा
by Sushma Tiwari

जो दिया है वो वापस आएगा...(अंतिम भाग)सिद्धार्थ का फोन फिर बजता है... वह देखता है मां का फोन है.. शायद मां को मामा ने सब कुछ बता दिया है... ...