रुद्र प्रताप सिंह... इस नाम से पूरा शहर काँपता था। बिजनेस की दुनिया का एक ऐसा बेताज बादशाह, जिसके एक इशारे पर अच्छे-अच्छों की किस्मत बदल जाती थी। रुद्र जितना अमीर था, उतना ही खूंखार और जिद्दी भी। उसकी डिक्शनरी में 'हार' और 'माफ़ी' जैसे शब्दों के लिए कोई जगह नहीं थी। आज तक जिसने भी रुद्र के रास्ते में आने की हिम्मत की, वह या तो पूरी तरह बर्बाद हो गया या फिर हमेशा के लिए गायब हो गया। लोग उसे दिलरुबा और बेरहम दोनों कहते थे, क्योंकि उसका चेहरा जितना हैंडसम था, उसका गुस्सा उतना ही खतरनाक था।
Full Novel
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 1
रुद्र प्रताप सिंह... इस नाम से पूरा शहर काँपता था। बिजनेस की दुनिया का एक ऐसा बेताज बादशाह, जिसके इशारे पर अच्छे-अच्छों की किस्मत बदल जाती थी। रुद्र जितना अमीर था, उतना ही खूंखार और जिद्दी भी। उसकी डिक्शनरी में 'हार' और 'माफ़ी' जैसे शब्दों के लिए कोई जगह नहीं थी। आज तक जिसने भी रुद्र के रास्ते में आने की हिम्मत की, वह या तो पूरी तरह बर्बाद हो गया या फिर हमेशा के लिए गायब हो गया। लोग उसे दिलरुबा और बेरहम दोनों कहते थे, क्योंकि उसका चेहरा जितना हैंडसम था, उसका गुस्सा उतना ही खतरनाक था।कल ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 2
भाग 2: कांटों भरा गुलाब**सुबह की धूप जब रुद्र प्रताप सिंह के आलीशान केबिन की कांच की खिड़की से आई, तो वहाँ का नज़ारा बदला हुआ था। मेज पर बिखरे हुए कांच के टुकड़े साफ़ कर दिए गए थे, लेकिन उस वीरान केबिन में अभी भी एक चीज़ वैसी ही थी—वह गहरा लाल गुलाब, जिसकी एक पंखुड़ी पर खुरचकर लिखा था, "जल्द मिलेंगे, रुद्र..."।रुद्र अपनी चमचमाती ब्लैक लेदर चेयर पर बैठा हुआ था। उसकी आँखों के नीचे हल्के काले घेरे थे, जो साफ़ बता रहे थे कि वह रात भर सोया नहीं था। उसके हाथ में वही गुलाब था। ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 3
भाग 3: नज़दीकियाँ या साज़िश?उंगली से टपकती खून की उस नन्ही बूंद को देखकर रुद्र की आँखों में एक सा भाव आया। उसने तुरंत अपनी जेब से एक रेशमी रुमाल निकाला और बिना कुछ सोचे-समझे मेरा हाथ पकड़ लिया। उसका यह कदम इतना अचानक था कि मैं अपनी जगह पर जड़ हो गई। रुद्र ने बहुत ही नरमी से उस रुमाल को मेरी उंगली पर लपेटा।"सॉरी, मेरा इरादा तुम्हें चोट पहुँचाने का नहीं था। बस देखना चाहता था कि तुम ख़तरे से कितना डरती हो," रुद्र ने मेरी आँखों में गहराई से देखते हुए कहा। उसकी आवाज़ में इस ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 4
4: शक का दायरा**रुद्र की उँगलियों की पकड़ मेरी कलाई पर और कस गई। उसकी आँखें पूरी तरह सिकुड़ थीं और वह बिना पलक झपकाए मेरे नीले पड़े निशान को देख रहा था। कल रात उस नकाबपोश लड़की की कलाई भी उसने इसी जगह से मरोड़ी थी। केबिन के अंदर की हवा अचानक भारी हो गई, और बाहर कड़कती बिजली ने माहौल को और भी डरावना बना दिया।मेरा दिल एक पल के लिए गले को आ गया। लेकिन 'द मिस्टीरियस क्वीन' ऐसे मोड़ों पर घबराती नहीं है। मैंने तुरंत अपने चेहरे पर डर और मासूमियत का मिला-जुला भाव लाया, ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 5
तेज़ रोशनी के धमाके ने मेरी आँखों को कुछ पलों के लिए चौंधिया दिया। सामने खड़ा रुद्र किसी जीते शिकारी की तरह मुस्कुरा रहा था। उसने बहुत आराम से केबिन का दरवाज़ा अंदर से लॉक किया और चाबी अपनी जेब में डाल ली। इस बार उसके हाथ में कोई पिस्तौल नहीं थी, लेकिन उसका यह शांत और खतरनाक अंदाज़ कल रात की बंदूक से कहीं ज़्यादा जानलेवा था।"तुम्हें क्या लगा मिस्टीरियस क्वीन... कि रुद्र प्रताप सिंह को इतनी आसानी से बेवकूफ बनाया जा सकता है?" रुद्र धीरे-धीरे मेरी तरफ बढ़ने लगा। उसकी भारी आवाज़ खाली केबिन में गूंज रही ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 6
बेनकाब सच और तड़पउस रात के बाद से रॉयल कॉर्पोरेशन का माहौल पूरी तरह बदल चुका था। रुद्र के की वो खिड़की अब हमेशा के लिए बंद कर दी गई थी, ठीक उसी तरह जैसे रुद्र ने अपने दिल के दरवाजे बंद कर लिए थे।सुबह के दस बज रहे थे। रुद्र अपने केबिन की बड़ी सी कांच की दीवार के सामने खड़ा था। उसकी नजरें बाहर शहर की ऊँची इमारतों पर टिकी थीं, लेकिन उसका दिमाग उस रात के चक्रव्यूह में ही उलझा हुआ था। उसकी आँखों में इस वक्त गुस्से से ज़्यादा एक गहरा सन्नाटा था। मायरा पिछले ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 7
"मायरा! रुको!" रुद्र की आवाज़ पूरे केबिन में गूंजी, लेकिन मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेरे आँसू अब मेरी को तोड़कर गालों पर बहने लगे थे। मैं तेज़ी से कदम बढ़ाती हुई लिफ्ट की तरफ चली गई।रुद्र वहीं अपनी टेबल के पास खड़ा कांप रहा था। उसके सामने वो पेन ड्राइव पड़ी थी, जिसमें उसके परिवार का काला सच था। उसने कांपते हाथों से पेन ड्राइव उठाई और अपने लैपटॉप में लगा दी। जैसे ही फाइलें खुलीं, रुद्र के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। मायरा का एक-एक शब्द सच था। उसके पिता ने सचमुच मायरा के परिवार को सड़क ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 8
नया दुश्मन, नई साज़िश**रुद्र की बाहों के घेरे में मुझे दुनिया का सबसे बड़ा सुकून महसूस हो रहा था। धड़कनें साफ़ कह रही थीं कि उसके दिल में अब मेरे लिए नफ़रत की कोई जगह नहीं बची है। लेकिन मेरा दिल अभी भी आने वाले कल को सोचकर घबरा रहा था। जब दुश्मनी इतनी गहरी हो, तो इतनी आसानी से प्यार मुकम्मल नहीं होता।"रुद्र... मुझे डर लग रहा है," मैंने उसका सीना छूते हुए बहुत धीरे से कहा।रुद्र ने मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों में लिया और मेरी आँखों में देखते हुए बोला, "जब तक मैं ज़िंदा हूँ, ...Read More
दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 9
मौत का साया और रक्षकवह काली गाड़ी किसी यमराज के वाहन की तरह मेरी तरफ बढ़ रही थी। उसकी की चकाचौंध में मुझे कुछ पल के लिए सूझ ही नहीं रहा था कि मैं किस तरफ भागूँ। मौत मेरे सामने खड़ी थी, और गाड़ी के टायर सड़क के पानी को चीरते हुए भयानक आवाज़ कर रहे थे।"मायरा!"रुद्र की गूंजती हुई चीख हवा में तैर गई। गाड़ी जब मुझसे महज़ दो फीट की दूरी पर थी, तभी रुद्र ने हवा में एक लंबी छलांग लगाई। उसने पूरी ताकत से मुझे अपनी बाहों में समेटा और हम दोनों गोल घूमते हुए ...Read More