पंखों का बोझ

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कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा जो वापस नहीं आएगा।"यार संजना, रिलैक्स कर!" दूसरी तरफ से रिया की आवाज़ आई — बेफिक्र, हल्की, उस किस्म की जो सिर्फ उन्हीं लोगों की होती है जिनके लिए दरवाज़े हमेशा खुले रहे हों। "तूने जी-तोड़ पढ़ाई की है। पिछले साल भी तूने टॉप किया था।""पता नहीं रिया... अजीब सी बेचैनी है।""किस बात की?" रिया हंसी।

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पंखों का बोझ - 1

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा जो वापस नहीं आएगा। यार संजना, रिलैक्स कर! दूसरी तरफ से रिया की आवाज़ आई — बेफिक्र, हल्की, उस किस्म की जो सिर्फ उन्हीं लोगों की होती है जिनके लिए दरवाज़े हमेशा खुले रहे हों। तूने जी-तोड़ पढ़ाई की है। पिछले साल भी तूने टॉप किया था। पता नहीं रिया... अजीब सी बेचैनी है। किस बात की? रिया हंसी। तेरे ...Read More

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पंखों का बोझ - 2

The Reluctant Heir. 2 विरासत का बोझयह वो थी जहाँ हर कोई मोक्ष की तलाश में आता था।संजना मिश्रा आज यहाँ अपनी इच्छाओं का गला घोंटने आई थी।घाट पर सुबह की धुंध अभी पूरी तरह छंटी नहीं थी। गंगा की लहरें किनारे से टकरा रही थीं — धीरे, लगातार, बिना किसी से पूछे। मंदिरों की घंटियाँ और नाविकों की आवाज़ें मिलकर एक ऐसा शोर बनाती थीं जो किसी तरह शांत भी लगता था।"हेलो दोस्तों! मेरा नाम है शत्रु और आज मैं आपको लेकर आया हूँ दुनिया के सबसे ...Read More

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पंखों का बोझ - 3

The Weight of Wings (पंखों का बोझ) 3 Before Storm(A Rainy Night, A Clash with Mom and Dad) तूफ़ान से पहले (बारिश वाली रात, माँ-पापा से टकराव)बाहर आसमान टूटकर बरस रहा था। बिजली की कड़कड़ाहट खिड़कियों के शीशे थर्रा रही थी, और गीली मिट्टी की सोंधी खुशबू — जो किसी और वक़्त में सुकून देती — आज संजना को दम घोंटने वाली लग रही थी।कमरे में अंधेरा था, ...Read More

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पंखों का बोझ - 4

The Weight of Wings पंखों का बोझ एक नई खिडकीहर सुबह जब संजना अपने कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर कदम रखती, तो वो ताजगी — जो नींद के आखिरी पल में होती है — पल भर में गायब हो जाती. सामने माता- पिता के वही थके हुए चेहरे, वही पुरानी उम्मीदें.वो सत्रह साल की थी. कुछ महीनों में अठारह की होने वाली थी. और उम्र का यह पडाव अपने ...Read More