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कलयुगी सीता--भाग(१)
by Saroj Verma

बात उस समय की है, जब मैं छै-सात साल का रहा हूंगा,अब मेरी उर्म करीब चालीस साल है,वो उस समय का माहौल था,जब लोगों को शहर की हवा नहीं ...

न्याय - एक अछूत लड़की की कथा(भाग 1)
by किशनलाल शर्मा

" अरी उठना नही है क्या?कब तक खाट मे पड़ी रहेगी।चाय बन गई।अब तो उठ जा"।छमिया के बार बार आवाज  देने पर कमली उठी तो थी,लेकिन माँ के पास ...

Benign Flame: Saga of Love - 31
by BS Murthy

Chapter 31 Living the Dream   The next morning as Raja Rao and Sandhya went to see Roopa, it was Janaki who received them at the door as Roopa ...

Hostel Girls (Hindi) - 3
by Kamal Patadiya

[दृश्य 3 : सिमरन from अमृतसर] सूरज का ढलता हुआ प्रकाश अमृतसर के पास एक गांव में खेत में चारों तरफ फैला हुआ था। जैसे खेतों की फसलों को ...

वो भूली दास्तां - भाग-१८
by Saroj Prajapati

शादी के लिए विशाल व चांदनी की रजामंदी मिलते ही दोनों परिवारों की खुशी का ठिकाना ना रहा। दोनों ही परिवारों में शादी की तैयारियां होने लगी और 1 ...

Benign Flame: Saga of Love - 30
by BS Murthy

Chapter 30 Euphoric Forays   The Godavari Express that Roopa boarded at Secunderabad that September evening seemed to have been powered by the pull of her passion. As it ...

मुखौटा - 12
by S Bhagyam Sharma

मुखौटा अध्याय 12 "आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की ?", अचानक मैंने पूछ लिया। "आपके साथ भी कोई धोखा हुआ?", लगता है मेरी अक्ल सचमुच में मेरे बस ...

જમાનો છે બોલ્ડ બનવાનો
by Paru Desai

                જમાનો છે બોલ્ડ બનવાનો     જિંદગી શિક્ષકથી ઘણી કડક છે, શિક્ષક પહેલા પાઠ ભણાવે પછી પરીક્ષા લે છે જયારે જિંદગી તો ...

નારી 'તું' ના હારી... - 4
by Krushil Golakiya

( સવિતાબેન પાછળ એકવાર પેટ જોયા વિના ઘર તરફ નીકળી ગયા અને મોહનભાઇ ત્યાં જ ટેકો દઈને બેસી ગયા...)પછી મોહનભાઇ એક ઊંડો નિશ્વાસ નાખીને ત્યાંથી ઉભા થઇ ગયા. ધીમે ...

Benign Flame: Saga of Love - 29
by BS Murthy

Chapter 29 A Brimming Romance   The next morning Roopa woke up at nine as if from a dream, and found Raja Rao still asleep, looking at him fondly, ...

Hostel Girls (Hindi) - 2
by Kamal Patadiya

(दृश्य 2 : प्रिया from मुंबई) नरीमन पोईट का सागर किनारा,,,,,,,,,, शाम ढलने को आई है। सूरज की किरणें समुद्र के पानी में पडती है तब समुद्र का पानी ...

आर्मी वर्दी वालीं औरत
by Prahlad Pk Verma

आज 2 साल हो गये मेरे पति को शहीद हुए, मुझे खुद पर विश्वाश था कि मैं उनकी शहादत को कभी भूलने नहीं दूंगीमेरे पति आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल ...

मुखौटा - 11
by S Bhagyam Sharma

मुखौटा अध्याय 11 'मैं हत्यारिन हूं' ऐसा मेरी मां अपने शब्दों से व्यक्त कर रही है, मेरे कोमल मन में आघात हुआ। उस आघात की याद आज भी मेरे ...

Benign Flame: Saga of Love - 28
by BS Murthy

Chapter 28 Night of the Mates   That August afternoon, at the Premier Architects’ office, holding Sandhya’s letter, Raja Rao was immersed in Roopa’s thoughts. ‘How miserable she could ...

ડૉ. ઝોહરા ઢોલિયા - ભાગ-૧ આજીવન વિદ્યાર્થી રહેવાના સંકલ્પધારી મહિલા ડો. ઝોહરા ઢોલિયા
by Purvi Goswami

"" લઠ્ઠબત્તી બાર મુંજો એરિંગ વનાણુંઢોલરાંધ રમધે મુંજો એરિંગ વનાણુંએરિંગ જે ભદલે તોકે ઠોરીયા ધડાપ ડિંયાં "" આ કચ્છી લોકગીતમાં ઢોલ પર રાસ રમતા પત્નીની એરિંગ ખોવાઈ જાય છે. ...

वो भूली दास्तां भाग-१७
by Saroj Prajapati

जब से चांदनी को विशाल की पिछली जिंदगी के बारे में पता चला था, तब से उसे अपने उस व्यवहार के लिए बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। जो ...

Benign Flame: Saga of Love - 27
by BS Murthy

Chapter 27 Tara’s Theory   On his way to Roopa’s place that evening, Prasad began to review his position in the waiting game he was forced to play with ...

பலசரக்கு vs பள்சரக்கு
by vani shanthi

ஓர் அழகான மாலை பொழுது அதில் மதன்(ஒரு தனியார் அலுவலகத்தில் வேலை பார்ப்பவன்)என்பவன் தனது "Memories bring back" நிகழ்ச்சிகாக குறிப்புகளை எடுத்து கொண்டு இருந்த அச்சமயத்தில் அவனது slam புத்தகம் தென்பட்டது அதில் அவன் தனது பழைய நினைவுகளை ...

Hostel Girls (Hindi) - 1
by Kamal Patadiya

प्रकरण : 1 - संघर्ष गाथाए [दृश्य 1 : रेचल from गोवा] गोवा का समुद्र तट......... शाम का वक्त है। सूरज धीरे धीरे ढल रहा है। सागर की लहरें ...

वापसी
by Sunita Agarwal

लम्बा कद,गहरी नीली,आँखेँ आकर्षक व्यक्तित्व उसके रूप के माया जाल में फँसे बिना न रह सकी थी वह।उसके बात करने का अंदाज, उसकी मुस्कराहट किसी का भी मन मोह ...

ભૃણ હત્યા વિરોધ
by Bharti Bhayani

ભૃણહત્યા વિરોધવિકાસના પંથે આગળ વધી રહેલા આપણા દેશમા હવે દીકરી દૂધપીતી થવાના બદલે ગર્ભમા જ મૃત્યુને ભેટે છે.કદાચ અજન્મીને પીડા ઓછી થતી હશે! આ પણ વિકાસ જ કહેવાય ને?આખી ...

मुखौटा - 10
by S Bhagyam Sharma

मुखौटा अध्याय 10 “व्हाट अ प्लेजेंट सरप्राइज !", बड़े उत्साह से कृष्णन बोला। हम दोनों को बारी-बारी से देख रोहिणी से बोला, "यू लुक ब्यूटीफुल ! एक टीनएजर लड़की ...

ગૃહિણી
by Bhavika Gor

           ગૃહિણી એટલે... મારી મમ્મી, કાકી, ભાભી, અને મોટી બહેન, પણ હું નથી! મને બનવું પણ નથી! સાચું તો એ છે કે હું બની જ નહીં શકું ક્યારેય!!                    ...

મારી દિકરી - એક પિતાનો દિકરી પ્રત્યે આદર મારી દીકરી
by Rupal Patel

ના?તમે મારી દીકરીને તમારી ઇચ્છા પ્રમાણે ન રાખી શકો.?મેં સાંભળ્યું છે કે કેટલાક પિતા જમાઇને અને એમના પરિવારને કહે છે કે?મારી દીકરી હવે તમારી થઇ,તમે એને તમને ગમે એમ ...

સંઘર્ષની ભઠ્ઠી ભાગ - ૮
by Bhavesh Lakhani

                                                          ...

Benign Flame: Saga of Love - 26
by BS Murthy

Chapter 26 Software of Detour   That April evening, Roopa impatiently waited for Sathyam’s return from the office. As though to keep irritation at bay, she was rereading Sandhya’s ...

Benign Flame: Saga of Love - 25
by BS Murthy

Chapter 25 Device of Deceit   Getting into his Chevrolet, Prasad drove straight into the 7th Street of Domalaguda. Parking his car near a pan shop, he chain smoked ...

आपसी वाहवाही ने सुधार की गुंजाइश खत्म कर दी है
by Neelima Sharrma Nivia

बिना किसी शोर-शराबे के कहानियां लिखने वाली आकांक्षा पारे काशिव लंबे अर्से से कहानियां लिख रही हैं। उनकी कई कहानियां काफी चर्चित रही हैं। उनकी हर कहानी पहली कहानी ...

સમાજનું આભૂષણ સ્ત્રી
by અજ્ઞાત

                * * * * * * * * * * * * * *            પેહલા વડવા ઓ કહેતા કે સ્ત્રીની ...

वो भूली दास्तां भाग-१६
by Saroj Prajapati

विशाल की एनजीओ का नाम आश्रय था। यहां गरीब तबके के बच्चे पढ़ने आते थे। इसके अलावा यहां सिलाई कढ़ाई कंप्यूटर आदि का फोर्स करवा उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाता ...

Benign Flame: Saga of Love - 24
by BS Murthy

Chapter 24 Scheming the Theme   ‘Satisfactory, isn’t it?’ thought Prasad on his way back to his home. ‘Haven’t I played my cards with finesse? If anything, Sathyam’s dinner ...

मुखौटा - 9
by S Bhagyam Sharma

मुखौटा अध्याय 9 ‘तुम्हारी नानी तुम्हारे अंदर से बार-बार झांकती हैं।‘ यह अहंकार नहीं तो और क्या? लड़कियों का भी अपना आत्मसम्मान होता है, यह सोच ना होना अहंकार ...