काल गढ़ की तारा

(8)
  • 468
  • 0
  • 1.7k

हज़ार साल पहले क्या हुआ था? क्या रुद्र उस नन्ही बच्ची को मार पाएगा? काल गढ़ का राज़ खुलेगा तो रूह काँप जाएगी! Pocket FM पर LIVE - Level 41 episode -1 ​समय: रात के 11:45 बजे स्थान: राजगढ़ की पुरानी हवेली, रुद्र का बेडरूम ​हवेली के बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी। काल गढ़ का महल साँस ले रहा था। संगमरमर की दीवारें नहीं, वो हड्डियों से बना था। हर कदम पर फर्श से रोने की आवाज आ रही थी। हजार साल से बंद झरोखों से काला धुआं निकल रहा था। महल के बीचों-बीच तारा खड़ी थी, सफेद जोड़े में। उसकी

1

काल गढ़ की तारा - 1

हज़ार साल पहले क्या हुआ था? क्या रुद्र उस नन्ही बच्ची को मार पाएगा? काल गढ़ का राज़ खुलेगा तो काँप जाएगी! Pocket FM पर LIVE - Level 41 episode -1 ​समय: रात के 11:45 बजे स्थान: राजगढ़ की पुरानी हवेली, रुद्र का बेडरूम ​हवेली के बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी। काल गढ़ का महल साँस ले रहा था। संगमरमर की दीवारें नहीं, वो हड्डियों से बना था। हर कदम पर फर्श से रोने की आवाज आ रही थी। हजार साल से बंद झरोखों से काला धुआं निकल रहा था। महल के बीचों-बीच तारा खड़ी थी, सफेद जोड़े में। उसकी कलाई पर काला Moon Mark जल रहा था। ऊपर झरोखे से रुद्र देख रहा था। रुद्र: तारा! वहाँ से हटो! ये महल तुम्हें खा जाएगा! तभी अचानक रूद्र नींद से जागा और पसीने से भीगा तारा ये ? ...Read More

2

काल गढ़ की तारा - 2

Episode 2:- महल में विवाह या षड्यंत्र ?चन्द्रभवन के महल में विवाह की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी। बज रहे थे, फूलों से महल सज रहा था, दासियाँ इधर-उधर दौड़ रही थीं। देखने पर लगता था कि यहाँ की राजकुमारी के विवाह की तैयारी है, परन्तु भीतर से देखने पर लगता था कि यह किसी राजनीतिक षड्यंत्र की जीत की तैयारी है। आंगन के मध्य में खड़े थे मोहिनी के पिता - भूषण सिंह। उनके मुख पर दो भाव एक साथ नज़र आ रहे थे। एक चाल और दूसरी ख़ुशी। चाल इसलिए कि उनका दांव सफल हो रहा ...Read More

3

काल गढ़ की तारा - 3

Episode :- 3काल गढ़ की तारा- दर्पण में तीसरी औरतविवाह की पहली रस्म की रात, महल के बड़े कक्ष विशाल दर्पण सौ टुकड़ों में टूट गया इस बात से भूषण सिंह का माथा ठनका, परन्तु उन्होंने बात को दबा दिया। दासियों से कहा - "कह दो, बिल्ली ने तोड़ दिया परन्तु तारा जानती थी, यह बिल्ली ने नहीं तोड़ा। रात को जब वह स्वयं को भूल जाती है, तो उसे सपने में एक महल दिखता है जो जल रहा होता है, और एक स्त्री जो चीख रही होती है - "ये महल मेरा है!"अगले दिन मोहिनी की मेंहदी की ...Read More

4

काल गढ़ की तारा - 4

Episode:-4 काल गढ़ की तारा - मंडप में बैठी लाशचन्द्रभवन का आँगन आज दुल्हन की तरह सजा था। हज़ारों की रोशनी, गेंदे के फूलों की मालाएं, और ढोल की थाप पर नाचती दासियां। पर इस रोशनी के पीछे एक गहरा अंधेरा छिपा था मंडप के बीचो-बीच रुद्र दूल्हा बना बैठा था। कामगढ़ का राजकुमार, जिसकी तलवार से दुश्मन कांपते थे, आज उसका अपना दिल कांप रहा था। उसके माथे पर पसीना था, सेहरा बार-बार हिल रहा था उसकी बगल में दुल्हन बैठी थी। लाल जोड़े में, सिर से पैर तक घूंघट में ढकी हुई। चेहरा बिल्कुल नहीं दिख रहा ...Read More