Best Horror Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultu...Read More


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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 2 By chanchal

सयानी का जन्म एक ऐसी रात को हुआ था जब पूरे गाँव में बिजली गुल थी और आसमान से आग के गोले की तरह बिजली गिर रही थी. उसकी दादी कहती थीं कि सयानी का जन्म सामान्य नहीं है, क्योंकि पैदा ह...

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Ghost hunters - 16 By Rishav raj

हवा अब पहले जैसी नहीं रही थी। उसमें ठंड के साथ एक गंध भी थी जली हुई चीज़ों की जैसे कहीं कुछ बहुत पहले जलाया गया हो पेड़ के पास खड़े चारों लोग अब समझ चुके थे कि ये मामला साधारण नहीं...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 4 By Ashoksinh jadeja

      ગઢના એ વયોવૃદ્ધ દરબારે જ્યારે આર્યનના હાથમાં રહેલી એ સોનાની મૂઠ વાળી સમશેર (તલવાર) જોઈ, ત્યારે એમની ડબડબાયેલી આંખોમાં અચાનક જુવાન લોહીના ઉછાળા મારતું તેજ આવી ગયું. વર્ષોની સ્...

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तेरहवा द्वार - 3 By InkImagination

भाग 3बंद कमरा“अब तुम वापस नहीं जा सकते…”कैमरे की स्क्रीन पर लिखे वो शब्द देखकर आरव के हाथ सुन्न पड़ गए।बारिश लगातार तेज़ होती जा रही थी। आसमान में बिजली चमक रही थी, और हर चमक के सा...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 9 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 9: वो रात जब कहानी पैदा हुई14 नवंबर, 1890।आधी रात।हवा में अजीब बेचैनी घुली हुई थी।आसमान काले बादलों से भरा था, और बिजली की चमक बार-बार पुराने म...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 10 By kajal jha

एपिसोड 10: अंधेरे की किताबकिताब का रहस्यखंडहर से मिली पुरानी किताब अयान के हाथों में थी। उसके पन्ने पुराने और पीले पड़ चुके थे, लेकिन अक्षर अब भी चमक रहे थे। हर शब्द जैसे किसी अदृश...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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313 নম্বর রুম (ভয়ঙ্কর ভূতুড়ে গল্প) By Sudip Maity

কলকাতার মাঝামাঝি একটা পুরনো হোটেল—নাম “হোটেল অনির্বাণ”। বাইরে থেকে দেখলে খুব সাধারণ, কিন্তু ভেতরে ঢুকলেই বোঝা যায়, জায়গাটার বয়স অনেক। দেওয়ালের রং উঠে গেছে, করিডোরে হালকা স্যাঁত...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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শেষ ট্রেনটা থামেনি By Sudip Maity

রাত তখন প্রায় সাড়ে এগারোটা। রতনপুর স্টেশন অদ্ভুতভাবে ফাঁকা। দিনের সেই কোলাহল নেই, নেই লোকজনের ভিড়, শুধু দূরে কোথাও একটা ট্রেনের হুইসেল মাঝেমধ্যে শোনা যাচ্ছে। আমি, অর্ণব, অফিস থে...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી - પ્રકરણ - 69 By Dakshesh Inamdar

અનોખી સફરપ્રકરણ - 69ભૈરવી આઈ સાથે બેઠી હતી અને આમ ધનુષની બરાબર પાછળની સીટ ઉપર..એને માનસિક ખુબ થાકલાગેલો હતો..એણે હાથ લંબાવી ધનુષની સીટ પર મુકેલો અને પોતાનું માથું એની સીટ પર ઢાળી દ...

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अतृप्त आत्म्यांच्या दुनियेतून - 3 By Ashish Devrukhkar

हॉस्टेलची पांढऱ्या साडीची बाई आणि प्लँचेट भाग -२शनिवारी रात्री परेशला ती बाई दिसली होती आणि त्या रात्री कोणाचे दारही वाजले नव्हते आणि कोणाच्या दारालाही कडी नव्हती लागली बाहेरून. कश...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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মহাশ্মশানের রক্তচক্র By Sudip Maity

রাত তখন এমন এক গভীরতায় ডুবে গেছে, যেখানে সময়ের অস্তিত্বটাই যেন মুছে যায়। আকাশে কোনো চাঁদ নেই, তারাও নেই—শুধু একটা অদ্ভুত কালো স্তর সবকিছু ঢেকে রেখেছে। মাঝে মাঝে বিদ্যুৎ চমকে উঠছে,...

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कब्र नंबर 13 By Dikshant Nagpure

मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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काल कोठरी - 13 By Neeraj Sharma

13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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বাঁশবাগানের ডাক By Sudip Maity

আমার নাম সৌরভ। আমি কোনোদিন এসব অলৌকিক ব্যাপারে বিশ্বাস করতাম না। ভূত, প্রেত, ডাইনি—এসব আমার কাছে সবসময়ই গ্রামের কুসংস্কার ছিল। ছোটবেলা থেকেই শুনে এসেছি নানা গল্প, কিন্তু সেগুলোকে আ...

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वो कमरा By Dikshant Nagpure

तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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ಯಮ ದ್ವಾರ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮಶಿಖರಗಳ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಕೈಲಾಸ ಪರ್ವತದ ತಪ್ಪಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಂತಿರುವ ಆ ಕಲ್ಲಿನ ದ್ವಾರದ ಹೆಸರು ಯಮ ದ್ವಾರ.  ಲೋಕದ ನಂಬಿಕೆಯ ಪ್ರಕಾರ ಇದು ಕೇವಲ ಮನುಷ್ಯ ನಿರ್ಮಿತ ಕಟ್ಟಡವಲ್ಲ ಇದು ಇಹಲೋಕದ ಸಂಬಂಧಗಳು ಕೊನೆಯಾಗಿ, ಆ...

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ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್‌ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿರುವ ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್ ಕೇವಲ ಒಂದು ಜಲರಾಶಿಯಲ್ಲ ಅದು ಭೂಮಿಯ ಮೇಲಿರುವ ನರಕದ ದ್ವಾರ. ಮಾನಸ ಸರೋವರವು ದೇವತೆಗಳ ಸನ್ನಿಧಿಯಾದರೆ, ಅದರ ಪಕ್ಕದಲ್ಲೇ ಇರುವ ಈ ಕೆರೆ ರಾಕ್ಷಸರ ಮತ್ತು ಶಾಪಗ್ರಸ್ತ ಆತ್ಮಗಳ ಅಡಗುದ...

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প্রণয় অভিশাপ By Nandita Maji

"তোমার শরীর তোমার আত্মা সবকিছুই আমার, সবকিছুই আমার আয়ত্তে থাকবে। এই জন্ম পরের জন্ম প্রত্যেকটা জন্ম তুমি আমার কাছে বন্দী থাকবে। আমি তোমাকে কখনোই মুক্তি দেবো না, নিজেকে দোযকের আগুনে...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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શબ્દ નો પડછાયો By Mansi Desai Shastri

"શબ્દનો પડછાયો"  એક મનોવૈજ્ઞાનિક થ્રિલરઅમદાવાદના આશ્રમ રોડ પર આવેલી 'અક્ષર' નામની જૂની ઇમારત. ત્રીજા માળે રહેતો વિવેક મહેતા ગુજરાતનો સૌથી રહસ્યમય ક્રાઇમ લેખક. છેલ્લા બે વર્...

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वो कौन थी? - 8 By sapna

Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 2 By chanchal

सयानी का जन्म एक ऐसी रात को हुआ था जब पूरे गाँव में बिजली गुल थी और आसमान से आग के गोले की तरह बिजली गिर रही थी. उसकी दादी कहती थीं कि सयानी का जन्म सामान्य नहीं है, क्योंकि पैदा ह...

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Ghost hunters - 16 By Rishav raj

हवा अब पहले जैसी नहीं रही थी। उसमें ठंड के साथ एक गंध भी थी जली हुई चीज़ों की जैसे कहीं कुछ बहुत पहले जलाया गया हो पेड़ के पास खड़े चारों लोग अब समझ चुके थे कि ये मामला साधारण नहीं...

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અવાવરુ વાવનો અતીત - 4 By Ashoksinh jadeja

      ગઢના એ વયોવૃદ્ધ દરબારે જ્યારે આર્યનના હાથમાં રહેલી એ સોનાની મૂઠ વાળી સમશેર (તલવાર) જોઈ, ત્યારે એમની ડબડબાયેલી આંખોમાં અચાનક જુવાન લોહીના ઉછાળા મારતું તેજ આવી ગયું. વર્ષોની સ્...

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तेरहवा द्वार - 3 By InkImagination

भाग 3बंद कमरा“अब तुम वापस नहीं जा सकते…”कैमरे की स्क्रीन पर लिखे वो शब्द देखकर आरव के हाथ सुन्न पड़ गए।बारिश लगातार तेज़ होती जा रही थी। आसमान में बिजली चमक रही थी, और हर चमक के सा...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 9 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 9: वो रात जब कहानी पैदा हुई14 नवंबर, 1890।आधी रात।हवा में अजीब बेचैनी घुली हुई थी।आसमान काले बादलों से भरा था, और बिजली की चमक बार-बार पुराने म...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 10 By kajal jha

एपिसोड 10: अंधेरे की किताबकिताब का रहस्यखंडहर से मिली पुरानी किताब अयान के हाथों में थी। उसके पन्ने पुराने और पीले पड़ चुके थे, लेकिन अक्षर अब भी चमक रहे थे। हर शब्द जैसे किसी अदृश...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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313 নম্বর রুম (ভয়ঙ্কর ভূতুড়ে গল্প) By Sudip Maity

কলকাতার মাঝামাঝি একটা পুরনো হোটেল—নাম “হোটেল অনির্বাণ”। বাইরে থেকে দেখলে খুব সাধারণ, কিন্তু ভেতরে ঢুকলেই বোঝা যায়, জায়গাটার বয়স অনেক। দেওয়ালের রং উঠে গেছে, করিডোরে হালকা স্যাঁত...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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শেষ ট্রেনটা থামেনি By Sudip Maity

রাত তখন প্রায় সাড়ে এগারোটা। রতনপুর স্টেশন অদ্ভুতভাবে ফাঁকা। দিনের সেই কোলাহল নেই, নেই লোকজনের ভিড়, শুধু দূরে কোথাও একটা ট্রেনের হুইসেল মাঝেমধ্যে শোনা যাচ্ছে। আমি, অর্ণব, অফিস থে...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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અનોખી સફરપ્રકરણ - 69ભૈરવી આઈ સાથે બેઠી હતી અને આમ ધનુષની બરાબર પાછળની સીટ ઉપર..એને માનસિક ખુબ થાકલાગેલો હતો..એણે હાથ લંબાવી ધનુષની સીટ પર મુકેલો અને પોતાનું માથું એની સીટ પર ઢાળી દ...

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अतृप्त आत्म्यांच्या दुनियेतून - 3 By Ashish Devrukhkar

हॉस्टेलची पांढऱ्या साडीची बाई आणि प्लँचेट भाग -२शनिवारी रात्री परेशला ती बाई दिसली होती आणि त्या रात्री कोणाचे दारही वाजले नव्हते आणि कोणाच्या दारालाही कडी नव्हती लागली बाहेरून. कश...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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রাত তখন এমন এক গভীরতায় ডুবে গেছে, যেখানে সময়ের অস্তিত্বটাই যেন মুছে যায়। আকাশে কোনো চাঁদ নেই, তারাও নেই—শুধু একটা অদ্ভুত কালো স্তর সবকিছু ঢেকে রেখেছে। মাঝে মাঝে বিদ্যুৎ চমকে উঠছে,...

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मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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ಹಿಮಾಲಯದ ಹಿಮಶಿಖರಗಳ ಮಡಿಲಲ್ಲಿ, ಕೈಲಾಸ ಪರ್ವತದ ತಪ್ಪಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಂತಿರುವ ಆ ಕಲ್ಲಿನ ದ್ವಾರದ ಹೆಸರು ಯಮ ದ್ವಾರ.  ಲೋಕದ ನಂಬಿಕೆಯ ಪ್ರಕಾರ ಇದು ಕೇವಲ ಮನುಷ್ಯ ನಿರ್ಮಿತ ಕಟ್ಟಡವಲ್ಲ ಇದು ಇಹಲೋಕದ ಸಂಬಂಧಗಳು ಕೊನೆಯಾಗಿ, ಆ...

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ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್‌ By Saandeep Joshi

ಹಿಮಾಲಯದ ಮಡಿಲಲ್ಲಿರುವ ರಾಕ್ಷಸ ತಾಲ್ ಕೇವಲ ಒಂದು ಜಲರಾಶಿಯಲ್ಲ ಅದು ಭೂಮಿಯ ಮೇಲಿರುವ ನರಕದ ದ್ವಾರ. ಮಾನಸ ಸರೋವರವು ದೇವತೆಗಳ ಸನ್ನಿಧಿಯಾದರೆ, ಅದರ ಪಕ್ಕದಲ್ಲೇ ಇರುವ ಈ ಕೆರೆ ರಾಕ್ಷಸರ ಮತ್ತು ಶಾಪಗ್ರಸ್ತ ಆತ್ಮಗಳ ಅಡಗುದ...

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"তোমার শরীর তোমার আত্মা সবকিছুই আমার, সবকিছুই আমার আয়ত্তে থাকবে। এই জন্ম পরের জন্ম প্রত্যেকটা জন্ম তুমি আমার কাছে বন্দী থাকবে। আমি তোমাকে কখনোই মুক্তি দেবো না, নিজেকে দোযকের আগুনে...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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वो कौन थी? - 8 By sapna

Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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