चंद्रगुप्त - चतुर्थ - अंक - 37

by Jayshankar Prasad in Hindi Novel Episodes

कार्नेलिया ने कहा की बहुत दिन हुए देखा था वही भारतवर्ष! वही निर्मल ज्योति का देश, पवित्र भूमि, अब हत्या और लूट से बिभत्य बनायी जायेगी – ग्रीक सैनिक इस शस्यश्यामला पृथ्वी को रक्त रंजित बनावेंगे! पिता अपने ...Read More