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बेरंग इश्क गहरा प्यार By kajal jha

एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...

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हम फिर से मिले मगर इस तरह By MASHAALLHA KHAN

इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी है अरुण और रूपाली की जो कॉलेज मे मिले फिर अच्छे दोस्त बने , रूपाली जो अरुण से प्यार कर बैठी...

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​मेरा प्यार By mamta

दरिया, परिंदे और वो अजनबी

​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो एक शोर की तरह थी (महंगी गाड़ी, रुतबा), पर छोड़ एक खामोशी गई। क्या यह...

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તક્ષશિલા - સિટી ઓફ નૉલેજ By અનિકેત ટાંક

હેલ્લો મિત્રો , મારું નામ છે અનિકેત ટાંક અને હું અત્યારે સુરતમાં રહુ છું. આ મારી પેહલા નવલકથા છે એટલે કદાચ શબ્દો કદાચ આડાઅવળા થઈ શકે છે એના માટે હું અત્યારથી માફી માંગુ છું.

આ ક...

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टापुओं पर पिकनिक. By Prabodh Kumar Govil

आर्यन तेरा वर्षांचा झाला. काल त्याचा वाढदिवस होता. तो या वाढदिवसाची कितीतरी दिवसांपासून वाट पाहत होता. तो खूप उत्सुक होता. असणारच ना, कारण हा वाढदिवस त्याच्यासाठी खूप खास होता....

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कोंदण पर्व एक By Shabdbhramar

एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
गोरी गुलाबी टाच.. अन
नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं...
पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
सू...

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સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

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यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

उन्हें कांदिव...

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चुपके-चुपके आऊँगा By Std Maurya

यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।
एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी।
मैंने उसे प्यार से “पूसी” कहकर बु...

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মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

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​मेरा प्यार By mamta

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તક્ષશિલા - સિટી ઓફ નૉલેજ By અનિકેત ટાંક

હેલ્લો મિત્રો , મારું નામ છે અનિકેત ટાંક અને હું અત્યારે સુરતમાં રહુ છું. આ મારી પેહલા નવલકથા છે એટલે કદાચ શબ્દો કદાચ આડાઅવળા થઈ શકે છે એના માટે હું અત્યારથી માફી માંગુ છું.

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आर्यन तेरा वर्षांचा झाला. काल त्याचा वाढदिवस होता. तो या वाढदिवसाची कितीतरी दिवसांपासून वाट पाहत होता. तो खूप उत्सुक होता. असणारच ना, कारण हा वाढदिवस त्याच्यासाठी खूप खास होता....

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एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात
अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात
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पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची,
अन ओसरली कि,
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સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

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यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी.

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चुपके-चुपके आऊँगा By Std Maurya

यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।
एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी।
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মহাভারতের কাহিনি By Ashoke Ghosh

  মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১    প্রাককথন   সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। অধিকাংশ মানুষই মহাভারতের কিছু কিছু গল্প পড়েছেন,...

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