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  • The Rainy Meeting - 1

    Riya was a quiet girl who loved writing stories. Every day after college she wen...

  • काळजाचा ठोका

    "अहो!! जेवण झाल्यावर जरा टेरेसवर चला काही बोलायचंय!" आजकाल एवढं ऐकलं तरी काळजाचा...

  • डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 21

    अगली सुबह जब घर के सदस्य डाइनिंग टेबल पर नाश्ते के लिए इकट्ठा हुए, तो सबकी आँखें...

  • Potty Robbers and Me - 1

    एपिसोड 1: किस्मत का ‘विसर्जन’ और वह अनोखा मेहमानमकान का हाल: बरेली की सबसे तंग ग...

  • मैं भी चेतन

                         बहुत मुश्किल में डाल दिया है तुमने |.. आज क्या मुझे अपनी चु...

  • સત્યકામ - 10

    નવપ્રસ્થ શહેર થોડા દિવસોથી બહારથી શાંત દેખાતું હતું, પરંતુ એ શાંતિ અંદરથી ખૂબ નબ...

  • हार के बाद की जीत

    राघव के लिए वह दिन सिर्फ एक हार नहीं था, बल्कि जैसे पूरी दुनिया ही उसके खिलाफ हो...

  • I AM THE FIRE THAT REMEMBERS

    I AM THE FIRE THAT REMEMBERS I was not born quiet. No—I arrived like thunder lea...

  • બાબા બંદાસિંહ બહાદુરજી - ભાગ 1

    #બાબા બંદાસીંગ જી બહાદુર ​ભાગ 1 વૈરાગીથી વીર યોદ્ધા સુધીનો પ્રવાસ​ રાજૌરીનો એ રા...

  • அந்தி மாலை

    மாலை மங்கும் நேரம் ஒரு மோகம் கண்ணின் ஓரம் என்ற பாட்டை ஜானு முணுமுணுத்து கொண்டே ம...

सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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ঝরাপাতা By Srabanti Ghosh

সন্ধ্যা নামার ঠিক আগের এই সময়টা খুব প্রিয় মণিকার। যখন স্কুল কলেজে পড়ত, এই সময়ে এককাপ চা নিয়ে মায়ের সঙ্গে বসত গোল বারান্দায়। মা বসতে চাইত না, সন্ধে দিতে হবে, জলখাবার করতে হবে,...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

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तन्हा सफ़र: जज़्बातों की छांव में भीगा इश्क़ By Babul haq ansari

बारिश की पहली बूँद और एक अधूरा नाम

रचयिता: बाबुल हक़ अंसारी

उस रोज़ बारिश कुछ अलग थी…

ना ज़ोर से बरसी, ना आहिस्ता गिरी — बस जैसे किसी की यादों को छूने आई हो।...

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रूहों का सौदा By mamta

रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस श...

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સનાતન ધર્મની વાતો By Siddharth Maniyar

આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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પડછાયો: એક પેઢીના સ્વપ્નનો વારસો By I AM ER U.D.SUTHAR

શિયાળાની ધીમી અને ફૂલગુલાબી ઠંડીમાં, હરગોવનદાસ સોની પોતાના નાનકડા ૨ BHK ફ્લેટની બાલ્કનીમાં બેઠા હતા. સવારના તાજા ખબર વાંચતાં તેઓ ઠંડીનો આનંદ માણી રહ્યા હતા. તેમનું જીવન શાંત અને સર...

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જ્યાં અહંકાર ઓગળી ગયો ત્યાં પ્રેમ થઈ ગયો By Upasana Mehta

પ્રિય વાચક મિત્રો,આ મારી પેહલી નાની કોશિશ છે,લાગણીઓને શબ્દોમાં ગોઠવવાની.આ વાર્તા પ્રેમની છે,અહંકારની છે, અને એ લાગણીની છે,જે ધીમે ધીમે હૃદય સુધી પોંહચે છે.

રેવા એક મધ્યમ વર્ગની...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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सौदों में बंदी जिंदगी By kajal jha

मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...

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সন্ধ্যা নামার ঠিক আগের এই সময়টা খুব প্রিয় মণিকার। যখন স্কুল কলেজে পড়ত, এই সময়ে এককাপ চা নিয়ে মায়ের সঙ্গে বসত গোল বারান্দায়। মা বসতে চাইত না, সন্ধে দিতে হবে, জলখাবার করতে হবে,...

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रूहों का सौदा By mamta

रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस श...

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આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. એક સમયે એવો હતો કે, માહિતી સંતાડવી અને તેણે જાહેર થતી રોકવી ખુબ જ સહેલું...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

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दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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શિયાળાની ધીમી અને ફૂલગુલાબી ઠંડીમાં, હરગોવનદાસ સોની પોતાના નાનકડા ૨ BHK ફ્લેટની બાલ્કનીમાં બેઠા હતા. સવારના તાજા ખબર વાંચતાં તેઓ ઠંડીનો આનંદ માણી રહ્યા હતા. તેમનું જીવન શાંત અને સર...

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જ્યાં અહંકાર ઓગળી ગયો ત્યાં પ્રેમ થઈ ગયો By Upasana Mehta

પ્રિય વાચક મિત્રો,આ મારી પેહલી નાની કોશિશ છે,લાગણીઓને શબ્દોમાં ગોઠવવાની.આ વાર્તા પ્રેમની છે,અહંકારની છે, અને એ લાગણીની છે,જે ધીમે ધીમે હૃદય સુધી પોંહચે છે.

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